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त्योहारी सीजन से पहले सोने-चांदी के भाव में बड़ी गिरावट

Ashish verma
4 Oct 2026 6:15 PM IST
त्योहारी सीजन से पहले सोने-चांदी के भाव में बड़ी गिरावट
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Gold Price। त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही भारतीय बाजार में सोने और चांदी की मांग बढ़ने लगती है। नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों पर लोग आभूषणों के साथ-साथ निवेश के लिए भी कीमती धातुओं की खरीदारी करते हैं। ऐसे में त्योहारों से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने आम खरीदारों को बड़ी राहत दी है। इस सप्ताह सोने के भाव में अच्छी-खासी कमजोरी देखने को मिली है। 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम करीब 3,500 रुपये तक सस्ता हुआ, जबकि 22 कैरेट यानी जेवराती सोने की कीमत में करीब 3,200 रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
चांदी के बाजार में भी इस सप्ताह तेजी का माहौल नहीं रहा। एक अक्टूबर को औद्योगिक मांग में नरमी के बीच चांदी की कीमत में एक ही दिन में करीब 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट देखने को मिली। सोने-चांदी के भाव में इस कमजोरी से उन लोगों के लिए खरीदारी का मौका बन सकता है, जो लंबे समय से त्योहारी सीजन में कीमती धातु खरीदने की योजना बना रहे थे।
त्योहारी सीजन में सोने की बढ़ती मांग
भारत में त्योहारों के दौरान सोने की खरीदारी को शुभ माना जाता है। धनतेरस और दिवाली के अलावा दशहरा, अक्षय तृतीया और शादी-ब्याह के सीजन में भी सोने की मांग बढ़ती है। परिवारों में आभूषण खरीदने के साथ-साथ कई लोग सोने के सिक्के और निवेश से जुड़े उत्पाद भी खरीदते हैं।
आमतौर पर त्योहारी मांग बढ़ने से सोने की कीमतों पर दबाव बन सकता है। लेकिन इस बार त्योहारों से पहले ही कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। ऐसे में ग्राहकों के लिए यह स्थिति आकर्षक मानी जा रही है। खासकर उन लोगों के लिए, जिनका बजट बढ़ती कीमतों के कारण बिगड़ रहा था, मौजूदा गिरावट कुछ राहत दे सकती है।
24 कैरेट सोने में बड़ी गिरावट
इस सप्ताह 24 कैरेट सोने की कीमत में करीब 3,500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है और इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से निवेश के उद्देश्य से किया जाता है। इसकी कीमत में इतनी बड़ी गिरावट का सीधा असर निवेशकों और सोने के सिक्के या बार खरीदने वाले ग्राहकों पर पड़ता है।
सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और घरेलू मांग जैसे कई कारकों से प्रभावित होती हैं। इसलिए किसी एक सप्ताह में कीमतों में तेजी या गिरावट आना बाजार की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
22 कैरेट सोना भी हुआ सस्ता
जेवर बनाने में आमतौर पर 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है। इस श्रेणी के सोने की कीमत में भी करीब 3,200 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई है। त्योहारी सीजन में आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह गिरावट महत्वपूर्ण है।
हालांकि, आभूषण की अंतिम कीमत केवल सोने के भाव पर निर्भर नहीं करती। इसमें मेकिंग चार्ज, डिजाइन चार्ज और लागू कर भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए ग्राहक को केवल सोने के बाजार भाव को देखकर अपनी खरीदारी का बजट तय नहीं करना चाहिए।
चांदी में भी कमजोर पड़े भाव
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमत में भी इस सप्ताह कमजोरी रही। एक अक्टूबर को चांदी के दाम में करीब 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई। इसके पीछे औद्योगिक मांग में आई नरमी को प्रमुख वजह माना गया।
चांदी की खासियत यह है कि इसका इस्तेमाल केवल आभूषण और निवेश के लिए नहीं होता, बल्कि उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर किया जाता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और कई अन्य क्षेत्रों में चांदी की मांग रहती है। इसलिए औद्योगिक मांग में बदलाव का असर इसकी कीमत पर दिखाई दे सकता है।
खरीदारों के लिए क्या मायने रखती है गिरावट?
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट उन ग्राहकों के लिए राहत लेकर आई है, जो त्योहारी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं। यदि किसी परिवार को पहले से आभूषण खरीदने की योजना है तो कम कीमत का फायदा मिल सकता है। हालांकि, केवल कीमत में एक सप्ताह की गिरावट देखकर जल्दबाजी में निवेश करना उचित नहीं माना जाता।
सोने की कीमत में आगे भी उतार-चढ़ाव संभव है। वैश्विक बाजार में होने वाले बदलाव, अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदें, डॉलर की स्थिति और भू-राजनीतिक घटनाएं कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए निवेशकों को अपनी जरूरत और जोखिम क्षमता के अनुसार फैसला करना चाहिए।
आभूषण खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
त्योहारी सीजन में सोना खरीदते समय ग्राहक को केवल भाव ही नहीं देखना चाहिए। हॉलमार्क, शुद्धता, मेकिंग चार्ज और बिल की जानकारी भी जरूर जांचनी चाहिए। आभूषण खरीदते समय बिल में सोने का वजन, शुद्धता और अन्य शुल्क स्पष्ट रूप से दर्ज होने चाहिए।
इसी तरह चांदी खरीदते समय भी उसकी शुद्धता और वजन की पुष्टि करना जरूरी है। यदि खरीदारी निवेश के उद्देश्य से की जा रही है तो ग्राहक को अलग-अलग विकल्पों की लागत और उनकी शर्तों को समझना चाहिए।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
त्योहारी सीजन में सोने की मांग बढ़ने की उम्मीद रहती है। ऐसे में कीमतों पर घरेलू मांग का असर पड़ सकता है। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने से सोने और चांदी दोनों की कीमतों में आगे भी बदलाव संभव है।
फिलहाल त्योहारों से ठीक पहले सोने और चांदी के भाव में आई गिरावट ने खरीदारों को राहत जरूर दी है। 24 कैरेट सोने में करीब 3,500 रुपये और 22 कैरेट सोने में करीब 3,200 रुपये की साप्ताहिक गिरावट के साथ चांदी में भी 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम की कमजोरी दर्ज हुई है। ऐसे में धनतेरस और दिवाली की खरीदारी की तैयारी कर रहे लोगों की नजर अब आने वाले दिनों में बाजार के अगले रुख पर रहेगी।
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