नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक खुद को पत्रकार बताते हुए एक महिला पुलिसकर्मी से बार-बार उसे छोड़ने की विनती करता दिखाई देता है। युवक की बातचीत का अंदाज और लगातार पुलिसकर्मी को ‘दीदी’ कहकर संबोधित करना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
वायरल वीडियो में युवक की पहचान अनुज भगत के रूप में बताई गई है। वह पुलिस बस के अंदर बैठा नजर आता है और वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मी से कहता है कि वह पत्रकार है तथा उसे जाने दिया जाए। बातचीत के दौरान वह महिला अधिकारी की तारीफ भी करता दिखाई देता है और कहता है कि वह अपनी ड्यूटी कर रही हैं। वीडियो में अनुज बार-बार बेहद विनम्र और कुछ हद तक हास्यपूर्ण अंदाज में पुलिसकर्मी को मनाने की कोशिश करता है। इसी वजह से यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर होने लगी। कई यूजर्स ने उसकी बातचीत के अंदाज पर प्रतिक्रिया दी, जबकि कुछ लोगों ने हिरासत की परिस्थितियों और प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
यह घटना दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में सामने आई है। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठा रहे हैं और CEC के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। चुनाव आयोग और भाजपा ने विपक्ष तथा प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए जा रहे पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है।
जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक कुछ प्रदर्शन बिना अनुमति के आयोजित किए गए और धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों का उल्लंघन हुआ। इन प्रदर्शनों को लेकर अलग-अलग मामलों में एफआईआर भी दर्ज की गईं।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की कई घटनाएं सामने आई हैं। 6 अक्टूबर को दिल्ली की एक अदालत ने CEC के खिलाफ प्रदर्शन से जुड़े मामले में गिरफ्तार 17 लोगों को जमानत दी। अदालत ने आरोपियों की उम्र और आपराधिक रिकॉर्ड न होने जैसे पहलुओं पर गौर किया, जबकि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों पर हमले और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए थे।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पत्रकारों और पुलिस के बीच टकराव का मुद्दा भी सुर्खियों में रहा। तीन महिला पत्रकारों ने 3 अक्टूबर के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। दिल्ली पुलिस ने शिकायतों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी और CCTV फुटेज समेत अन्य सबूतों की जांच की जा रही है। ये आरोप अभी जांच के अधीन हैं।
दूसरी ओर दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान महिला पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और हाथापाई के मामले भी उठाए हैं। पुलिस की ओर से कहा गया कि भीड़ नियंत्रित करने में तैनात महिला कर्मियों को भी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच अनुज भगत का वीडियो बाकी घटनाओं से अलग अपने हल्के-फुल्के अंदाज के कारण वायरल हुआ है। वीडियो में कोई हिंसक टकराव दिखाई नहीं देता, बल्कि युवक महिला पुलिसकर्मी को ‘दीदी’ कहकर समझाने और खुद को छुड़वाने की कोशिश करता नजर आता है।
हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी क्लिप की तरह यहां भी पूरे घटनाक्रम का संदर्भ वीडियो के सीमित हिस्से से पूरी तरह स्पष्ट नहीं होता। उपलब्ध रिपोर्टों में अनुज ने खुद को पत्रकार बताया है, लेकिन उसकी पत्रकारिता संबंधी पहचान के बारे में स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए उसे ‘पत्रकार होने का दावा करने वाला व्यक्ति’ कहना ज्यादा सटीक है।
फिलहाल यह वीडियो दिल्ली के CEC विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी सबसे ज्यादा शेयर की जा रही क्लिप्स में शामिल है। गंभीर राजनीतिक प्रदर्शन के बीच युवक की ‘दीदी, प्लीज मुझे जाने दो’ वाली विनती ने सोशल मीडिया पर अलग तरह की चर्चा पैदा कर दी है।
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