19 साल के जेन जेड बाबा हुए परेशान, आपत्तिजनक कमेंट्स पर तोड़ी चुप्पी
1. वृंदावन के युवा बाबा ने सुनाई आपबीती
मथुरा: उत्तर प्रदेश के वृंदावन में रहने वाले 19 वर्षीय युवा कथावाचक शाश्वत आचार्य इन दिनों सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा में हैं। अपने घुंघराले बालों, आकर्षक व्यक्तित्व और धार्मिक प्रवचनों के कारण इंटरनेट पर 'जेन जेड बाबा' और 'पूकी बाबा' के नाम से मशहूर हुए शाश्वत आचार्य ने अब सोशल मीडिया पर मिलने वाली प्रतिक्रियाओं को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने खुलासा किया है कि कुछ लोगों के आपत्तिजनक कमेंट्स से वह बेहद असहज महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर कुछ टिप्पणियों ने शालीनता और मर्यादा की सारी सीमाएं पार कर दी हैं। एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में शाश्वत आचार्य ने सोशल मीडिया पर अपनी बढ़ती लोकप्रियता और उससे जुड़ी परेशानियों पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने बताया कि उनके वीडियो पर बड़ी संख्या में लोग प्रतिक्रियाएं देते हैं। कई लोग उनकी प्रशंसा करते हैं, लेकिन कुछ टिप्पणियां ऐसी होती हैं, जिन्हें पढ़कर वह असहज हो जाते हैं।
'मुझे लगा मेरा उत्पीड़न हुआ है'
इंटरव्यू के दौरान जब उनसे सोशल मीडिया पर आने वाले आपत्तिजनक कमेंट्स के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कुछ टिप्पणियां इतनी अनुचित थीं कि उन्हें उत्पीड़न जैसा महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि लोगों ने शालीनता की सीमाओं का उल्लंघन किया है। युवा कथावाचक ने महिलाओं के साथ होने वाली अभद्र टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर कुछ टिप्पणियां उन्हें इतनी बुरी लग सकती हैं, तो उन लड़कियों की स्थिति समझी जा सकती है, जिन्हें सार्वजनिक स्थानों पर इससे भी ज्यादा आपत्तिजनक बातें सुननी पड़ती हैं।
कौन हैं वृंदावन के जेन जेड बाबा?
शाश्वत आचार्य वृंदावन स्थित श्रीधाम गोदा विहार मंदिर से जुड़े युवा भागवत कथावाचक हैं। वह स्वयं को मंदिर का पीठाधीश्वर बताते हैं। महज 19 वर्ष की उम्र में उनके धार्मिक प्रवचनों और वीडियो ने सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। उनके घुंघराले बालों और युवा लुक की वजह से सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें 'Gen Z Baba' नाम दिया। कुछ लोगों ने उनकी तुलना लोकप्रिय वेब सीरीज 'स्ट्रेंजर थिंग्स' के अभिनेता फिन वोल्फहार्ड से भी की है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
शाश्वत आचार्य के बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई यूजर्स ने उनका समर्थन करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की लोकप्रियता का मतलब यह नहीं है कि उसके बारे में अनुचित टिप्पणियां की जाएं। वहीं, कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हस्तियों के प्रति व्यवहार को लेकर सवाल उठाए हैं। युवा कथावाचक के बयान ने ऑनलाइन उत्पीड़न और व्यक्तिगत मर्यादा के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। उनकी लोकप्रियता जहां उन्हें नई पहचान दिला रही है, वहीं आपत्तिजनक टिप्पणियां उनके लिए परेशानी का कारण बन रही हैं।