बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आखिरी समय में एक फ्लाइट रद्द होने के कारण 35 से ज़्यादा यात्री फंस गए। इस वजह से यात्रियों और स्पाइसजेट के कर्मचारियों के बीच तीखी बहस हो गई। गुस्साए यात्री एयरलाइन कर्मचारियों से बहस करते, गालियां देते और अचानक फ्लाइट रद्द होने का कारण पूछते नज़र आए। वायरल हो रही इस घटना के बारे में बताया जा रहा है कि फ्लाइट को तय समय से सिर्फ 30 मिनट पहले रद्द कर दिया गया, जिससे कई यात्री परेशान हो गए और मदद के लिए इधर-उधर भटकने लगे।
यह विवाद तब और बढ़ गया जब एक महिला यात्री को एयरलाइन कर्मचारियों और CISF कर्मियों पर चिल्लाते हुए देखा गया। आरोप है कि इस बहस के दौरान महिला ने स्पाइसजेट की एक महिला कर्मचारी के साथ मारपीट भी की। स्थिति को बिगड़ता देख सुरक्षा कर्मियों ने मामले को संभालने की कोशिश की।
सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो शेयर किया गया, जिसके कैप्शन में लिखा था, "यह बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के मौजूदा हालात हैं।" पोस्ट में स्पाइसजेट पर आरोप लगाया गया कि उसने आखिरी समय में टिकट रद्द करके यात्रियों को बीच मझधार में छोड़ दिया। यात्रियों ने इस परेशानी पर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने एयरलाइन के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए और अचानक हुई इस अव्यवस्था के लिए जवाबदेही की मांग की।
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं
वीडियो वायरल होने के बाद, लोगों ने उस महिला यात्री पर गुस्सा जताया जिसने कथित तौर पर कर्मचारियों के साथ बदसलूकी की।
एक यूज़र ने कहा, "वे तो बस कर्मचारी हैं जो आदेशों का पालन कर रहे हैं, उन पर चिल्लाने वाले बेवकूफ हैं।"
एक अन्य यूज़र ने लिखा, "आखिरी समय में फ्लाइट रद्द होना यात्रियों के लिए बहुत बड़ी परेशानी है, लेकिन किसी को भी उन कर्मचारियों को गाली देने का हक नहीं है, जिनका फ्लाइट शेड्यूल पर कोई कंट्रोल नहीं होता। वे तो बस अपना काम करने के लिए वहां हैं, फ्लाइट शेड्यूल करने या रद्द करने के लिए नहीं।"
एक तीसरे यूज़र ने कहा, "कभी-कभी लोग भूल जाते हैं कि वे सिर्फ कर्मचारी हैं, कंपनी के मालिक नहीं। वे इस तरह के बर्ताव के हकदार नहीं हैं।"
नोट: फ्लाइट रद्द होने का असली कारण, एयरलाइन का पक्ष और मारपीट की घटना से जुड़ी परिस्थितियों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अधिक जानकारी का इंतज़ार है।