अमेरिकी रक्षा मंत्री की होगी छुट्टी...? US की राजनीति में बड़ा भूचाल, होर्मुज को लेकर भी बड़ी खबर
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका की राजनीति में भी बड़ा भूचाल आ गया है. ट्रंप प्रशासन में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के खिलाफ अमेरिकी संसद में महाभियोग प्रस्ताव पेश किया गया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने ईरान के खिलाफ बिना कांग्रेस की मंजूरी के युद्ध छेड़ा और ऐसे हमलों को अंजाम दिया, जिन्हें "वॉर क्राइम" की श्रेणी में रखा जा सकता है.
यह प्रस्ताव यासामिन अंसारी के नेतृत्व में हाउस डेमोक्रेट्स ने पेश किया है. उन्होंने दावा किया कि हेगसेथ ने अपने पद की शपथ का उल्लंघन किया, अमेरिकी सैनिकों को खतरे में डाला और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन नहीं किया. सबसे गंभीर आरोप ईरान के मिनाब इलाके में एक गर्ल्स स्कूल पर हमले को लेकर है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक 28 फरवरी को हुए हमले में कमोबेश 170 स्कूली बच्चियों की मौत हुई, जिनमें शिक्षक भी शामिल थे. शुरुआती जांच में यह सामने आया कि अमेरिकी टॉमहॉक मिसाइल गलती से इस स्कूल पर जा गिरी. डेमोक्रेट्स का कहना है कि इस तरह के हमले जंग के नियमों का उल्लंघन हैं.
महाभियोग के पहले आर्टिकल में आरोप लगाया गया कि पीट हेगसेथ ने ईरान के खिलाफ बिना औपचारिक युद्ध घोषणा के सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी. अमेरिकी कानून के अनुसार, युद्ध छेड़ने का अधिकार केवल कांग्रेस के पास होता है, न कि किसी एक अधिकारी के पास.
इसके अलावा उन पर "डबल टैप" स्ट्राइक जैसे विवादित सैन्य तरीकों के इस्तेमाल का भी आरोप है, जिसमें एक ही लक्ष्य पर दो बार हमला किया जाता है. आलोचकों का कहना है कि इससे नागरिकों के हताहत होने का खतरा बढ़ जाता है.
डेमोक्रेट्स ने यह भी आरोप लगाया कि हेगसेथ ने संवेदनशील सैन्य जानकारी को संभालने में लापरवाही बरती और यमन में हमलों से जुड़ी जानकारी एक कमर्शियल मैसेजिंग ऐप के जरिए साझा की, जिससे सुरक्षा जोखिम पैदा हुआ.
हालांकि, इस महाभियोग प्रस्ताव के पास होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है, क्योंकि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है. इसके बावजूद यह कदम राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन पर दबाव बढ़ सकता है.
पेंटागन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे "राजनीतिक स्टंट" बताया है. उनका कहना है कि ईरान में सैन्य अभियान ने अपने उद्देश्यों को हासिल किया है और यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत जरूरी थी.
युद्ध होगा खत्म?
अमेरिका के साथ हुई बातचीत के बाद ईरान ने एक प्रस्ताव रखा है. इसके बाद अंदाजा लगाया जा रहा है कि होर्मुज का रास्ता खुल सकता है और जंग धीरे-धीरे करके खत्म हो सकती है, जिससे जहाजों का आवागमन आसान हो जाएगा और तेल-गैस की कीमतें तेजी से नीचे आएंगी.
दरअसल, रॉयटर्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका के साथ हुई बातचीत के दौरान पेश किए गए प्रस्तावों के अनुसार, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य के ओमान की ओर से जहाजों को हमले के खतरे के बिना स्वतंत्र रूप से गुजरने की अनुमति देने पर विचार कर सकता है. इस कदम का उद्देश्य नए सिरे से होने वाले जंग को रोकना है.
रिपोर्ट में यह भी आगे कहा गया है कि स्पष्ट नहीं है कि ईरान कोई बारूदी सुरंगे हटाएगा या इजरायल से जुड़े जहाजों समेत सभी जहाजों को बिना किसी रोक-टोक के गुजरने देगा. हालांकि, यह भी देखना जरूरी होगा कि क्या अमेरिका ईरान के इस प्रस्ताव को मानता है या नहीं? व्हाइट हाउस और ईरान के विदेश मंत्रालय ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
रिपोर्ट के अनुसार, एक पश्चिमी सुरक्षा सूत्र ने कहा कि ओमान के जलक्षेत्र से जहाजों को बिना किसी प्रतिबंध के गुजरने देने का प्रस्ताव विचाराधीन है, लेकिन यह जानकारी नहीं है कि अमेरिका ने इस पर कोई प्रतिक्रिया दी है या नहीं. यह प्रस्ताव ईरान की तरफ से ऐसे वक्त में सामने आया है, जब ईरान ने टोल वसूली और अमेरिका ने नाकबंदी संबंधी बात कही थी.
संयुक्त राष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के सदस्य देशों ने जलडमरूमध्य का उपयोग करने वाले जहाजों पर टोल लगाने के ईरान के विचार का विरोध किया है. आईएमओ ने चेतावनी दी है कि इससे एक खतरनाक मिसाल कायम होगी.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ईरान और ओमान के बीच स्थित 34 किलोमीटर चौड़ा एक संकरा जलमार्ग है. यह खाड़ी से हिंद महासागर तक जाने का एक महत्वपूर्ण मार्ग है और मध्य पूर्व से ऊर्जा आपूर्ति के साथ-साथ उर्वरकों जैसी अन्य वस्तुओं के लिए भी एक खास रास्ता है.
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे जंग ने ग्लोबल तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित की है. इस रास्ते से ग्लोबल 20 फीसदी तेल और गैस का आयात होता है. 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से, सैकड़ों टैंकर और जहाज, साथ ही 20,000 नाविक खाड़ी में फंसे हुए हैं. 8 अप्रैल को सीजफायर लागू हुआ था, लेकिन ट्रंप ने हाल ही में यह भी दावा किया है कि अब जंग खत्म होने को है.