मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान से युद्ध होगा खत्म ट्रंप ने किया बड़ा ऐलान
ट्रंप का दावा चुनाव खत्म और जंग भी खत्म
वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से जारी संघर्ष को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव समाप्त होते ही ईरान के साथ युद्ध भी तत्काल खत्म हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान अमेरिकी चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन आर्थिक दबाव के कारण वह ज्यादा समय तक संघर्ष जारी रखने की स्थिति में नहीं है। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव 3 नवंबर 2026 को होने हैं। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा और सीनेट की कई सीटों पर फैसला होगा। ऐसे में ईरान युद्ध, महंगाई और तेजी से बढ़ी ऊर्जा कीमतें अमेरिकी राजनीति के प्रमुख मुद्दों में शामिल हो गई हैं।
ट्रंप बोले ज्यादा समय तक नहीं टिक सकता ईरान
डलास में रिपब्लिकन पार्टी के मध्यावधि सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि चुनाव के तुरंत बाद युद्ध खत्म हो जाएगा क्योंकि ईरान ज्यादा समय तक दबाव नहीं झेल सकता। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान चाहता है कि अमेरिकी चुनाव में ऐसा राजनीतिक समीकरण बने जिससे उस पर दबाव कम हो सके। हालांकि ट्रंप ने अपने दावे के समर्थन में किसी संभावित युद्धविराम समझौते या निश्चित कूटनीतिक योजना की जानकारी नहीं दी।
सातवें महीने में पहुंचा संघर्ष
अमेरिका-ईरान संघर्ष अब सातवें महीने में पहुंच चुका है और फिलहाल इसके तत्काल खत्म होने के स्पष्ट संकेत दिखाई नहीं दे रहे हैं। हाल में दोनों पक्षों के बीच हमलों में फिर तेजी आई है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास 10 जहाजों को निशाना बनाने की बात कही, जबकि इससे पहले अमेरिका ने पांच ईरानी तेल टैंकरों को डुबोने की बात कही थी। इसके चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी हलचल तेज हो गई है। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई। तेल आपूर्ति में बाधा और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
चुनाव के बाद तेल सस्ता होने का भी दावा
ट्रंप ने युद्ध के साथ तेल की कीमतों को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि मध्यावधि चुनाव के बाद युद्ध समाप्त होने पर तेल की कीमतें तेजी से नीचे आएंगी। अमेरिका में बढ़ी पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर उनकी सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ा है। हालांकि ट्रंप की उम्मीदों से अलग उनके कुछ शीर्ष सलाहकारों की सोच सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने निजी बातचीत में ट्रंप को चेतावनी दी है कि ईरान के साथ संघर्ष उनके राष्ट्रपति कार्यकाल के बाकी हिस्से तक भी खिंच सकता है।
बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं
ट्रंप ने ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि बातचीत संभव हो सकती है, लेकिन फिलहाल उनका प्रशासन इसे प्राथमिक विकल्प के रूप में नहीं देख रहा है। ऐसे में ट्रंप का चुनाव के तुरंत बाद युद्ध खत्म होने का बयान फिलहाल एक राजनीतिक भविष्यवाणी और दावा है, कोई घोषित युद्धविराम समझौता नहीं। आने वाले सप्ताह यह तय करने में अहम होंगे कि अमेरिका-ईरान संघर्ष वास्तव में कम होता है या दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है।