सऊदी पर हूती हमलों से भड़का पाकिस्तान ईरान को भेजा कड़ा संदेश
हूतियों को संभालो वरना बढ़ेगा तनाव
इस्लामाबाद: मध्य पूर्व में तेजी से बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने ईरान को कड़ा संदेश दिया है। पाकिस्तान ने तेहरान से कहा है कि वह अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर यमन के हूती विद्रोहियों को सऊदी अरब पर हमले करने से रोके। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब हूतियों ने सऊदी अरब के सैन्य और तेल प्रतिष्ठानों पर मिसाइल तथा ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। 8 सितंबर के बड़े हमले में 73 लोगों के घायल होने की खबर है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने सऊदी अरब का संदेश ईरान तक पहुंचाया है। सऊदी पाकिस्तानी और ईरानी सूत्रों ने इसकी पुष्टि की। पाकिस्तान चाहता है कि स्थिति और बिगड़ने से पहले ईरान हूतियों पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे और सऊदी क्षेत्र पर हमले रुकवाए।
हूतियों ने तेल ठिकानों को बनाया निशाना
हूती विद्रोहियों ने खमीस मुशैत स्थित एयरबेस के साथ जजान अबहा और नजारान जैसे इलाकों में तेल एवं ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। हमलों के बाद कई जगह आग लग गई। सऊदी अरब ने जवाब में यमन में हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। हूती सैन्य प्रवक्ता ने इन हमलों का जवाब देने की चेतावनी भी दी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी हूती हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सऊदी अरब की संप्रभुता सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन में मजबूती से खड़ा है। पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक बयान के मुताबिक शहबाज ने इन हमलों को क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बताया।
पाकिस्तान ने याद दिलाया रक्षा समझौता
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि पाकिस्तान सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुआ संयुक्त रक्षा समझौता जरूरत पड़ने पर सक्रिय हो सकता है। समझौते के तहत किसी एक सदस्य देश पर हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। आसिफ के मुताबिक यदि यमन का संघर्ष सऊदी क्षेत्र में फैलता है तो पाकिस्तान समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाएगा। हालांकि पाकिस्तानी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि अभी हूतियों के खिलाफ जवाबी हमलों में पाकिस्तान के शामिल होने का फैसला नहीं हुआ है। पाकिस्तान फिलहाल कूटनीतिक रास्ते से तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है और उसकी संभावित सैन्य भूमिका सऊदी क्षेत्र की रक्षा तक सीमित रखने की बात कही गई है।
ईरान ने कहा हूतियों पर हमारा नियंत्रण नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि पाकिस्तान का संदेश तेहरान तक पहुंचा है। हालांकि ईरान की ओर से कहा गया कि हूती विद्रोही उसके नियंत्रण में नहीं हैं। दूसरी ओर हूतियों को लंबे समय से ईरान समर्थित माना जाता है। हूती हमलों और सऊदी जवाबी कार्रवाई से मध्य पूर्व में एक नया सैन्य मोर्चा खुलने का खतरा बढ़ गया है। यह संकट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी चिंता पैदा कर रहा है क्योंकि सऊदी तेल प्रतिष्ठानों के साथ लाल सागर के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर भी खतरा बढ़ रहा है।