मोल्दोवा के अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को देश के हवाई क्षेत्र में ड्रोन की घुसपैठ के कारण सुरक्षा संबंधी गंभीर स्थिति पैदा हो गई थी। इसके बाद मोल्दोवा का एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। इसका असर कई उड़ानों पर पड़ा और जेलेंस्की की उड़ान भी निर्धारित समय से देरी से रवाना हुई। अधिकारियों ने हवाई क्षेत्र में मौजूद विमानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया था।
मोल्दोवा की पुलिस के अनुसार एक रूसी ड्रोन रिस्कानी जिले के एक खेत में गिरा और उसमें विस्फोट हुआ। इसके कारण आग लगने की घटनाएं सामने आईं, लेकिन किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली। जांच के दौरान मिले टुकड़ों में ऐसी विशेषताएं पाई गईं जो रूस द्वारा यूक्रेन युद्ध में इस्तेमाल किए जाने वाले Geran प्रकार के ड्रोन से मिलती-जुलती थीं। मामले की जांच जारी है। ड्रोन ने पड़ोसी रोमानिया के हवाई क्षेत्र में भी प्रवेश किया था। रोमानिया NATO का सदस्य है। ड्रोन की गतिविधि पर नजर रखने के लिए स्पेनिश एयर एंड स्पेस फोर्स के F-18 लड़ाकू विमानों को भी सक्रिय किया गया। बाद में ड्रोन दोबारा मोल्दोवा की तरफ गया। इस पूरे घटनाक्रम ने यूक्रेन युद्ध के कारण आसपास के देशों के हवाई क्षेत्र पर बढ़ते खतरे को फिर सामने ला दिया है।
एक वरिष्ठ यूक्रेनी अधिकारी ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि जेलेंस्की के विमान के पास आया ड्रोन जेट इंजन से चलने वाला Shahed प्रकार का हमला करने वाला ड्रोन माना जा रहा है। अधिकारी के अनुसार घटना में कोई नुकसान या हताहत नहीं हुआ। हालांकि इस बात की जांच की जा रही है कि क्या ड्रोन जानबूझकर राष्ट्रपति के विमान की दिशा में भेजा गया था। दूसरी ओर कुछ रिपोर्टों में यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़े एक स्रोत ने जेलेंस्की को सीधे खतरा होने के दावे को बढ़ा-चढ़ाकर बताया है। इसलिए इसे पुष्टि हो चुके लक्षित “हमले” के बजाय फिलहाल गंभीर ड्रोन सुरक्षा घटना के रूप में देखना अधिक सटीक है। जेलेंस्की नॉर्वे के दिवंगत राजा हेराल्ड पंचम के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ओस्लो पहुंचे थे। राजा हेराल्ड का 28 अगस्त को 89 वर्ष की उम्र में निधन हुआ था। अंतिम संस्कार में दुनिया के कई देशों के नेता और शाही परिवारों के सदस्य शामिल हुए। जेलेंस्की भी अन्य राष्ट्राध्यक्षों और गणमान्य लोगों के साथ अंतिम यात्रा में मौजूद रहे।
नॉर्वे दौरे के दौरान जेलेंस्की और प्रधानमंत्री स्टोर के बीच यूक्रेन की सुरक्षा जरूरतों को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत भी हुई। बैठक में विशेष रूप से एयर डिफेंस और सैन्य सहायता पर चर्चा की गई। रूस की ओर से लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच यूक्रेन अपनी वायु रक्षा क्षमता को और मजबूत करने के लिए पश्चिमी सहयोगियों से मदद मांग रहा है। जेलेंस्की ने यूरोप की प्रस्तावित FREYJA पहल से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। इस पहल का उद्देश्य यूरोप के लिए एक प्रभावी एंटी-बैलिस्टिक सुरक्षा व्यवस्था विकसित करना है। यूक्रेन लंबे समय से कहता रहा है कि आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम न केवल उसके शहरों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं बल्कि रूस के लगातार हवाई हमलों का मुकाबला करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
मोल्दोवा और रोमानिया में ड्रोन की घुसपैठ की घटनाएं रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद कई बार सामने आ चुकी हैं। दोनों देश यूक्रेन की सीमा से लगे हुए हैं और यूक्रेन पर किए जाने वाले बड़े रूसी ड्रोन हमलों के दौरान कई बार ड्रोन या उनके मलबे सीमा पार पहुंचने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। ताजा मामला इसलिए ज्यादा संवेदनशील हो गया क्योंकि उसी दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति का विमान मोल्दोवा से रवाना होने वाला था।
फिलहाल नॉर्वे के प्रधानमंत्री ने यह नहीं बताया है कि ड्रोन जेलेंस्की के विमान से वास्तव में कितनी दूरी पर था। यह भी स्वतंत्र रूप से साबित नहीं हुआ है कि जेलेंस्की का विमान ड्रोन का सीधा निशाना था। इसके बावजूद मोल्दोवा द्वारा हवाई क्षेत्र बंद करना और राष्ट्रपति की उड़ान में देरी होना इस बात की पुष्टि करता है कि उस समय इलाके में वास्तविक ड्रोन सुरक्षा खतरा मौजूद था। इस घटना ने एक बार फिर रूस-यूक्रेन युद्ध के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव और नागरिक विमानन से जुड़े जोखिमों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर यूक्रेन की सीमाओं से लगे देशों में मिसाइल और ड्रोन की घुसपैठ अब केवल सैन्य चुनौती नहीं बल्कि नागरिक उड़ानों और शीर्ष नेताओं की सुरक्षा के लिए भी गंभीर मुद्दा बनती जा रही है।