लंदन: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को उनके नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और नवोन्मेषी शासन के लिए प्रतिष्ठित ‘कॉमनवेल्थ पब्लिक लीडरशिप रिकग्निशन’ से सम्मानित किया गया। बुधवार को ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान यह सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र की संस्कृति और पहचान से जुड़े ‘जय महाराष्ट्र’ के नारे भी गूंजे।

यह सम्मान उस समय दिया गया, जब महाराष्ट्र में शासन को आम नागरिकों तक पहुंचाने और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शिंदे के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान शुरू की गई विभिन्न पहलों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में उनके नेतृत्व में लागू की गई योजनाओं और प्रशासनिक पहलों को नागरिकों के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया।

इस सम्मान समारोह का आयोजन यूके एशियन बिजनेस काउंसिल और कैनवस फॉर केयर क्रिएटिव आर्ट कैंपस द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम में ब्रिटेन और महाराष्ट्र से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

सम्मान प्राप्त करने के बाद अपने संबोधन की शुरुआत एकनाथ शिंदे ने “नमस्कार – जय महाराष्ट्र” के साथ की। उन्होंने कहा कि उनके सार्वजनिक जीवन और सामाजिक सोच के पीछे उनके व्यक्तिगत अनुभवों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। शिंदे ने अपनी मां और पत्नी को जीवन में आई कठिनाइयों से जूझते हुए देखा है और इन्हीं अनुभवों ने उन्हें समाज के जरूरतमंद वर्गों के लिए काम करने की प्रेरणा दी।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर

अपने संबोधन में एकनाथ शिंदे ने महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक कदम है।

शिंदे ने कहा कि इस योजना के माध्यम से उन्हें “करोड़ों बहनें” मिली हैं। उन्होंने योजना को महिलाओं की आर्थिक आजादी और आत्मविश्वास से जोड़ते हुए कहा कि जब महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है।

‘लाडकी बहिन’ योजना महाराष्ट्र की प्रमुख महिला-केंद्रित कल्याणकारी योजनाओं में शामिल रही है। योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखा गया है। शिंदे ने अपने भाषण में इसे महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली पहल के तौर पर प्रस्तुत किया।

‘शासन आपल्या दारी’ का भी जिक्र

सम्मान समारोह के दौरान शिंदे के मुख्यमंत्री कार्यकाल में शुरू की गई ‘शासन आपल्या दारी’ पहल का भी उल्लेख किया गया। इस पहल का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और सेवाओं को नागरिकों के करीब पहुंचाना तथा लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम करना था।

शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार ने इस तरह की पहलों के जरिए प्रशासन को अधिक नागरिक-केंद्रित बनाने पर जोर दिया था। ‘शासन आपल्या दारी’ के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों की सेवाओं और योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की गई। कार्यक्रम में इसी तरह की प्रशासनिक पहलों को उनके नेतृत्व की विशेषता के तौर पर रेखांकित किया गया।

महाराष्ट्र की पहचान को वैश्विक मंच पर रखा

हाउस ऑफ लॉर्ड्स जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर सम्मान प्राप्त करना महाराष्ट्र के लिए भी गौरव का विषय बताया गया। अपने संबोधन में शिंदे ने महाराष्ट्र की सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक पहचान का उल्लेख किया। ‘जय महाराष्ट्र’ के साथ संबोधन की शुरुआत ने कार्यक्रम में मौजूद महाराष्ट्र से जुड़े लोगों के बीच विशेष उत्साह पैदा किया।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में काम करने का उद्देश्य केवल सत्ता या पद हासिल करना नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में बदलाव लाना होना चाहिए। उन्होंने अपने शासन के दौरान जनसामान्य तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने पर जोर देने की बात कही।

पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित शासन पर जोर

सम्मान के आयोजकों की ओर से शिंदे के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान लागू की गई विभिन्न शासन संबंधी पहलों को नागरिक-केंद्रित प्रशासन के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया। विशेष रूप से ऐसी योजनाओं और कार्यक्रमों को महत्व दिया गया, जिनका उद्देश्य सीधे आम नागरिकों तक सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाना था।

एकनाथ शिंदे ने कहा कि शासन की सफलता का वास्तविक मूल्यांकन इस बात से होना चाहिए कि उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक कितना पहुंच रहा है। उन्होंने महिलाओं, गरीबों और जरूरतमंद वर्गों के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

हाउस ऑफ लॉर्ड्स में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मिला यह सम्मान शिंदे के राजनीतिक और प्रशासनिक सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है। महाराष्ट्र की कल्याणकारी योजनाओं और शासन संबंधी पहलों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलने के साथ ही राज्य की नीतियों और प्रशासनिक मॉडल को वैश्विक स्तर पर चर्चा का अवसर भी मिला।

कार्यक्रम के अंत में महाराष्ट्र की संस्कृति और पहचान को लेकर मौजूद उत्साह ने समारोह को विशेष बना दिया। ‘जय महाराष्ट्र’ के नारों के बीच एकनाथ शिंदे को सम्मानित किए जाने के इस कार्यक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति और प्रशासन से जुड़े लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

Tags: