अमेरिका: अमेरिका ने कमर्शियल ट्रक ड्राइवरों के लिए वर्क वीजा जारी करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह फैसला फ्लोरिडा में 12 अगस्त 2025 को हुए एक दुखद सड़क हादसे के बाद लिया गया, जिसमें पंजाब के एक भारतीय ट्रक ड्राइवर की लापरवाही से तीन लोगों की जान चली गई। इस निर्णय से भारतीय ट्रक ड्राइवरों, खासकर पंजाबी समुदाय के उन लोगों पर गहरा असर पड़ सकता है, जो अमेरिका के ट्रांसपोर्ट सेक्टर में काम करने की योजना बना रहे हैं।
घटना फ्लोरिडा टर्नपाइक हाईवे पर हुई, जहां 25 वर्षीय भारतीय ड्राइवर हरजिंदर सिंह ने कथित तौर पर अवैध यू-टर्न लिया। इस दौरान उनके सेमी-ट्रक से एक मिनीवैन टकरा गई, जिसमें सवार 3 लोगों 30 वर्षीय ड्राइवर, 37 वर्षीय महिला व 54 वर्षीय पुरुष की मौके पर ही मौत हो गई। जांच में पता चला कि हरजिंदर सिंह 2018 में मेक्सिको की सीमा के रास्ते अवैध रूप से अमेरिका में दाखिल हुए थे और उन्होंने कैलिफोर्निया से कमर्शियल ड्राइविंग लाइसैंस हासिल किया था। हालांकि, परिवहन विभाग की जांच में वह अंग्रेजी भाषा और सड़क संकेतों के टैस्ट में असफल पाए गए।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि विदेशी ड्राइवरों की बढ़ती संख्या अमेरिकी सड़कों पर खतरा बन रही है और स्थानीय ट्रक चालकों की आजीविका को प्रभावित कर रही है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से कमर्शियल ट्रक ड्राइवरों के लिए नए वर्क वीजा पर रोक की घोषणा की, साथ ही, मौजूदा वीजा धारकों की भी सघन जांच शुरू करने का निर्देश दिया गया है। रुबियो ने स्पष्ट किया कि यह कदम किसी विशेष देश को लक्षित नहीं करता, बल्कि सड़क सुरक्षा और योग्यता मानकों को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने अप्रैल 2025 में एक कार्यकारी आदेश जारी कर कमर्शियल ट्रक चालकों के लिए अंग्रेजी भाषा मानकों को अनिवार्य किया था। इस आदेश ने 2016 के एक नियम को पलट दिया, जिसमें भाषा अक्षमता को ड्राइवर को हटाने का आधार नहीं माना जाता था। हरजिंदर सिंह पर लगे वाहन हत्या के तीन आरोपों और डिपोर्टेशन की कार्रवाई ने इस नीति को और सख्त करने की मांग को बल दिया।