India-Pakistan रिश्तों पर फिर पुरानी रट, पढ़े पूरी खबर

Update: 2025-03-22 03:14 GMT

वर्ल्ड | भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर एक बार फिर वही घिसी-पिटी बहस छिड़ गई है। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री ने दावा किया कि दोनों देश अपने इतिहास के "सबसे बुरे दौर" से गुजर रहे हैं। हालांकि, उनके इस बयान को खुद पाकिस्तान में भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा, क्योंकि हर बार की तरह यह सिर्फ बयानबाजी ही लग रही है।

"क्या नया है इस बयान में?"

दरअसल, हर बार जब पाकिस्तान को अंदरूनी संकटों का सामना करना पड़ता है, तब उसके नेता भारत-पाक संबंधों को लेकर बयान देना शुरू कर देते हैं। इस बार भी कुछ अलग नहीं है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था डगमगा रही है, आतंकवाद पर वैश्विक दबाव बढ़ रहा है और राजनीतिक अस्थिरता चरम पर है। ऐसे में भारत को दोष देना उनके लिए सबसे आसान तरीका बन गया है।

"भारत का सीधा संदेश"

भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि पाकिस्तान को अगर रिश्ते सुधारने हैं, तो उसे आतंकवाद पर सख्त कार्रवाई करनी होगी। मगर पाकिस्तान इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम उठाने के बजाय सिर्फ बयानबाजी करता रहता है।

"पाकिस्तान की पुरानी चाल?"

विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान में जब भी सरकार या सेना की नाकामी उजागर होती है, तब भारत-पाक रिश्तों का मुद्दा उछाल दिया जाता है। यह बयान भी उसी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

"रिश्तों में सुधार मुमकिन?"

फिलहाल, भारत की नीति साफ है—बातचीत तभी होगी जब पाकिस्तान अपनी हरकतें बदलेगा। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक ऐसे बयानों का कोई असर नहीं पड़ने वाला।


Tags:    

Similar News