
वर्ल्ड | बलूचिस्तान में बढ़ते असंतोष को दबाने के लिए पाकिस्तानी सेना को खुली कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी फौज अब अपने ही नागरिकों के खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकती है। यह कदम बलूच अलगाववादी संगठनों की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया है, लेकिन इसके विरोध में स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
"बलूचिस्तान में क्यों बढ़ा तनाव?"
बलूचिस्तान लंबे समय से पाकिस्तान के लिए सिरदर्द बना हुआ है। यहां के अलगाववादी संगठन खुद को पाकिस्तान से अलग करना चाहते हैं, जबकि सरकार किसी भी विरोध को कुचलने की नीति अपना रही है।
"सेना की कार्रवाई पर उठे सवाल"
रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने कई इलाकों में ऑपरेशन तेज कर दिया है, जिससे स्थानीय नागरिकों पर भी असर पड़ रहा है। मानवाधिकार संगठनों ने इस पर चिंता जताते हुए कहा है कि बलूच लोगों के खिलाफ बलप्रयोग से हालात और बिगड़ सकते हैं।
"अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ सकता है"
बलूचिस्तान में सेना की कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय संगठनों की नजर बनी हुई है। यदि पाकिस्तान अपने ही नागरिकों पर हमले करता है, तो उसे वैश्विक मंच पर आलोचना का सामना करना पड़ सकता है।
"बलूच नेताओं की चेतावनी"
बलूच अलगाववादी नेताओं ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ प्रतिरोध तेज करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने दमनकारी नीति जारी रखी, तो जवाबी हमले भी बढ़ सकते हैं।





