Pacific region में तनाव और तेज होने के संकेत

Update: 2026-07-06 13:05 GMT

China चीन :  जिंग/वेलिंगटन। चीन ने सोमवार को दक्षिण प्रशांत महासागर में अपनी परमाणु-संचालित पनडुब्बी से लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। इस परीक्षण के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और विरोध तेज हो गया है। कई देशों ने इसे क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा बताया है।सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ के अनुसार, मिसाइल का प्रक्षेपण दोपहर 12 बजकर 1 मिनट पर किया गया और इसमें ‘डमी’ वारहेड का उपयोग हुआ। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह प्रक्षेपण नियमित वार्षिक सैन्य प्रशिक्षण का हिस्सा था और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप है। चीन ने यह भी दावा किया कि यह परीक्षण किसी देश के खिलाफ नहीं था।

हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब चीन ने इस क्षेत्र में इस तरह का परीक्षण किया हो। लगभग दो वर्ष पहले भी चीन ने प्रशांत महासागर में अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था, जिसमें डमी वारहेड का उपयोग किया गया था।इस बार के परीक्षण को लेकर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। न्यूजीलैंड सरकार ने कहा कि उसे इस प्रक्षेपण की जानकारी कुछ घंटे पहले दी गई थी, लेकिन मिसाइल को दक्षिण प्रशांत के परमाणु-मुक्त क्षेत्र में दागे जाने पर गंभीर चिंता जताई गई है। यह क्षेत्र 1986 की रारोतोंगा संधि के तहत परमाणु हथियारों पर प्रतिबंध के लिए स्थापित किया गया था।

न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने कहा कि लंबे समय से उठाई जा रही चिंताओं के बावजूद इस तरह की गतिविधि क्षेत्रीय भरोसे को कमजोर करती है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि चीन को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि इस तरह के परीक्षण क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरनाक हैं।यह परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब ऑस्ट्रेलिया और फिजी ने प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए एक नया रक्षा समझौता किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है।

Tags:    

Similar News