सऊदी अरब में सुरक्षा संकट, रियाद जाने वाली कई फ्लाइट्स रद्द
एअर इंडिया-इंडिगो ने रोकीं उड़ानें
नई दिल्ली/रियाद: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब की राजधानी रियाद में सुरक्षा संकट गहरा गया है। यमन के हूती विद्रोहियों ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाने का दावा किया है। गुरुवार, 8 अक्टूबर को एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनाई देने के बाद हवाई सेवाएं प्रभावित हुईं। सुरक्षा हालात को देखते हुए एअर इंडिया, इंडिगो और एअर इंडिया एक्सप्रेस समेत कई विमानन कंपनियों ने रियाद आने-जाने वाली उड़ानें रद्द करने का फैसला किया है। इससे भारत और सऊदी अरब के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला किया। हमले की खबरों के बीच एयरपोर्ट परिसर में खड़े एक विमान से धुआं उठने की भी जानकारी सामने आई। हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर सीधे मिसाइल गिरने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने रियाद की ओर दागी गई मिसाइलों को हवा में रोकने की जानकारी दी है। मिसाइलों के मलबे से राजधानी में कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचने की भी खबर है।
सुरक्षा खतरे को देखते हुए भारतीय विमानन कंपनियों ने एहतियाती कदम उठाए हैं। एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने 10 अक्टूबर तक रियाद आने-जाने वाली उड़ानों को निलंबित करने की घोषणा की है। वहीं, इंडिगो ने 9 अक्टूबर तक अपनी रियाद सेवाएं रोकने का फैसला किया। अकासा एयर की कोच्चि और रियाद के बीच निर्धारित दो उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं। विमानन कंपनियों का कहना है कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है।
इस घटनाक्रम के कारण दिल्ली से रियाद जा रही एअर इंडिया की उड़ान एआई-2243 को भी वापस लौटना पड़ा। विमान सुरक्षित दिल्ली पहुंच गया। अचानक उड़ानें रद्द होने से यात्रा की योजना बना चुके यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित यात्रियों को बिना अतिरिक्त शुल्क के यात्रा की तारीख बदलने या टिकट रद्द कराने पर पूरा पैसा वापस लेने का विकल्प दिया जा रहा है। कंपनियों ने यात्रियों को एयरपोर्ट रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने की सलाह दी है।
संकट का असर केवल भारतीय एयरलाइंस तक सीमित नहीं है। जर्मनी के लुफ्थांसा समूह ने भी रियाद की उड़ानें 16 अक्टूबर तक रोकने की घोषणा की है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रद्द होने से सऊदी अरब के विमानन संचालन पर व्यापक असर पड़ा है। विभिन्न एयरलाइंस सुरक्षा स्थिति की समीक्षा कर रही हैं और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं।
इधर, सऊदी अरब में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने भारतीयों को सतर्क रहने, आवश्यकता पड़ने पर घरों के भीतर रहने और सऊदी अधिकारियों के आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। भारतीय मिशन लगातार बदलते सुरक्षा हालात पर नजर बनाए हुए है। नागरिकों से अपुष्ट सूचनाएं और भ्रामक वीडियो साझा करने से बचने की भी अपील की गई है।
हूती विद्रोहियों ने अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों को सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में परिचालन को लेकर चेतावनी दी है। समूह ने सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की धमकी भी दी है। इन चेतावनियों के कारण क्षेत्र में नागरिक विमानन और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
यमन में जारी संघर्ष और सऊदी अरब पर हुए हालिया हमलों के कारण पश्चिम एशिया की स्थिति और संवेदनशील हो गई है। सऊदी अरब की ओर से जवाबी सैन्य कार्रवाई जारी है, जबकि हूती विद्रोही अपने हमले जारी रखने की चेतावनी दे रहे हैं। ऐसे में विमानन कंपनियां यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगे के परिचालन पर फैसला लेंगी। फिलहाल रियाद की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए संबंधित एयरलाइन से आधिकारिक जानकारी लेना जरूरी है।