अमेरिका में हिंदू मंदिर पर बड़े हमले की साजिश नाकाम! 19 साल का युवक गिरफ्तार
300 गोलियों के साथ हमले की तैयारी
अमेरिका : अमेरिका के इलिनोइस राज्य में हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी करने की कथित साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस को गिरफ्तार किया गया है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि युवक शिकागो के पास ऑरोरा इलाके में स्थित एक हिंदू पूजा स्थल पर हमला करने की योजना बना रहा था। पुलिस को जांच के दौरान हथियार, बड़ी मात्रा में गोलियां और एक कथित घोषणापत्र मिला है, जिसमें श्वेत वर्चस्ववादी विचारधारा के साथ भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का उल्लेख है। आरोपी को अदालत के आदेश पर हिरासत में रखा गया है और मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।
पुलिस को मिले संदिग्ध संदेशों से खुली साजिश
मामला अमेरिका के इलिनोइस राज्य के पैलेटाइन इलाके का है। यहां रहने वाले 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस को 11 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, जांच की शुरुआत तब हुई जब माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस विभाग को एक व्यक्ति से चिंताजनक इलेक्ट्रॉनिक संदेश मिलने की सूचना मिली। संबंधित व्यक्ति ने बताया कि उसे आरोपी की ओर से सामूहिक गोलीबारी की कथित योजना से जुड़ा एक दस्तावेज भेजा गया था। इसके अलावा आरोपी ने राइफल, मैगजीन, बॉडी आर्मर और अन्य उपकरणों की तस्वीरें भी साझा की थीं। संदेशों की गंभीरता को देखते हुए माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस ने पैलेटाइन पुलिस विभाग को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्ध युवक की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
हिंदू मंदिर पर हमले की थी कथित योजना
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी 11 अक्टूबर को ऑरोरा इलाके में एक हिंदू पूजा स्थल पर हमला करने की योजना बना रहा था। जांचकर्ताओं के मुताबिक, युवक का उद्देश्य बड़ी संख्या में लोगों को निशाना बनाना हो सकता था। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हमले के लिए चुने गए वास्तविक स्थान की अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऑरोरा इलाके में मौजूद हिंदू धार्मिक स्थल को संभावित निशाने के रूप में जांचा जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ने किन स्थानों की जानकारी जुटाई थी और क्या उसने हमले से पहले इलाके का निरीक्षण भी किया था।
राइफल में खराबी आने से कथित हमला टला
अमेरिकी अभियोजकों के अनुसार, पैपोराकिस कथित तौर पर एक राइफल और लगभग 300 गोलियों के साथ संभावित हमले वाले इलाके तक पहुंचा था। रिपोर्टों में बताया गया है कि हथियार में तकनीकी खराबी आने के कारण गोली नहीं चल सकी। इसके बाद आरोपी वहां से लौट गया। उसने अपने एक सहकर्मी से हथियार में आई समस्या का जिक्र भी किया था। सहकर्मियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। हालांकि, ये विवरण अभियोजन पक्ष के आरोप हैं और अदालत में इनका परीक्षण होना बाकी है।
आरोपी के घर से हथियार और गोला-बारूद बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के निवास स्थान की तलाशी ली। अधिकारियों के अनुसार, वहां से एआर शैली की राइफल, भरी हुई मैगजीन, गोला-बारूद और अन्य सामग्री बरामद की गई। इसके अलावा कुछ ऐसी वस्तुएं भी मिलीं, जिन पर नाजी विचारधारा से जुड़े प्रतीक बने हुए थे। पुलिस इन सामग्रियों की जांच कर रही है। मामले में एफबीआई और ऑरोरा पुलिस विभाग ने भी जांच में सहयोग किया है।
मैनिफेस्टो में भारतीयों के खिलाफ हिंसा का जिक्र
पुलिस को जांच के दौरान एक आठ पन्नों का कथित घोषणापत्र मिला है। इसका शीर्षक अंग्रेजी में Why I Fought: A.K.A. (Aurora Shooter's Manifesto) बताया गया है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, इस दस्तावेज में श्वेत वर्चस्ववादी विचार और विभिन्न समुदायों के खिलाफ नफरत भरे बयान दर्ज हैं। दस्तावेज में विशेष रूप से भारतीय मूल के लोगों, यहूदी समुदाय और अफ्रीकी मूल के लोगों के खिलाफ हिंसक विचारों का उल्लेख मिला है। अभियोजकों का आरोप है कि आरोपी ने अपने सहकर्मियों के सामने भी श्वेत वर्चस्ववादी विचार व्यक्त किए थे और भारतीय मूल के लोगों को निशाना बनाने की बातें कही थीं। इस दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक संदेशों को जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
अदालत ने आरोपी को हिरासत में रखने का दिया आदेश
गिरफ्तारी के बाद एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस को बुधवार, 14 अक्टूबर को इलिनोइस के रोलिंग मीडोज स्थित कुक काउंटी अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कथित हमले की योजना, बरामद हथियारों और इलेक्ट्रॉनिक संदेशों से संबंधित जानकारी अदालत के सामने रखी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को मुकदमे की सुनवाई से पहले हिरासत में रखने का आदेश दिया। पैपोराकिस पर आतंकवादी धमकी देने और अवैध रूप से हथियार रखने से संबंधित आपराधिक आरोप लगाए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।
हिंदू धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता
घटना सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को गंभीरता से लेने की बात कही है। पैलेटाइन पुलिस प्रमुख विलियम नॉर्ड ने इस कथित खतरे को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि समुदायों और पूजा स्थलों की सुरक्षा कानून प्रवर्तन एजेंसियों की प्राथमिकता है। ऑरोरा पुलिस ने भी अपने क्षेत्र के हिंदू धार्मिक स्थलों को संभावित खतरे से अवगत कराया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस योजना में केवल आरोपी की भूमिका थी या किसी अन्य व्यक्ति के शामिल होने के संकेत भी हैं। फिलहाल आरोपी हिरासत में है। जांच जारी है और अदालत में दोष सिद्ध होने तक उस पर लगाए गए आरोपों को आरोप ही माना जाएगा।