खालिस्तानी निज्जर की हत्या पर बड़ा खुलासा बिश्नोई गैंग का नाम आया सामने
निज्जर हत्याकांड में नया दावा बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी
Canada: खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए निज्जर की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। पोस्ट में लिखा गया कि “कर्मों का फल सबको मिलता है” और निज्जर को निशाना बनाए जाने की बात कही गई। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हरदीप सिंह निज्जर की जून 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया स्थित एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद भारत और कनाडा के बीच राजनयिक संबंधों में बड़ा तनाव देखने को मिला था।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम कई हाई प्रोफाइल मामलों में सामने आ चुका है। जांच एजेंसियां इस गैंग को संगठित अपराध से जुड़ा नेटवर्क बताती रही हैं। गैंग पर हत्या, रंगदारी और हिंसक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे हैं। अमेरिका में दाखिल एक अभियोग में भी लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी गोल्डी बराड़ पर निज्जर की हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।
सोशल मीडिया पोस्ट से मचा हड़कंप
बिश्नोई गैंग से जुड़े व्यक्ति की कथित पोस्ट सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। पोस्ट में निज्जर के खिलाफ टिप्पणी करते हुए हत्या को कथित तौर पर सही ठहराने की कोशिश की गई है। हालांकि सोशल मीडिया पर किए गए किसी भी दावे की जांच एजेंसियों द्वारा पुष्टि किया जाना जरूरी होता है। अधिकारी इस तरह के पोस्ट और उनके स्रोतों की जांच कर सकते हैं।
निज्जर हत्या बनी थी अंतरराष्ट्रीय मुद्दा
निज्जर हत्या के बाद कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारतीय एजेंटों की कथित संलिप्तता के आरोप लगाए थे, जिसे भारत ने खारिज कर दिया था। भारत ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया था। बाद में इस मामले में कई गिरफ्तारियां हुईं और जांच अलग-अलग स्तरों पर आगे बढ़ी। अमेरिका और कनाडा की एजेंसियां भी इस मामले से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के दावे अक्सर आपराधिक गिरोहों द्वारा अपनी छवि बनाने और डर पैदा करने के लिए किए जाते हैं। इसलिए किसी भी दावे को जांच के बाद ही सच माना जा सकता है। फिलहाल निज्जर हत्या मामले में सामने आए इस नए दावे के बाद सुरक्षा एजेंसियां और जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। आने वाले समय में जांच से ही स्पष्ट होगा कि यह दावा कितना वास्तविक है।