अब ईरान का अमेरिका पर बड़ा हमला, महायुद्ध 2.0 शुरू

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Update: 2026-07-09 03:39 GMT
US-Israel-Iran War Live Updates: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. हॉर्मुज स्ट्रेट में तीन कॉमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने लगातार दूसरी रात ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि इन हमलों का मकसद हॉर्मुज स्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है. वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि ये कार्रवाई जहाजों पर हुए हमलों का "बदला" है.
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि अमेरिका ने अपने ताजा हमलों में ईरान के पूर्वी हिस्से में मशहद जाने वाले दो अहम पुलों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया. IRGC का आरोप है कि यह हमला दिवंगत सर्वोच्च नेता के अंतिम विदाई समारोह को प्रभावित करने की कोशिश है.
IRGC ने कहा कि "अमेरिका की यह आक्रामक कार्रवाई बिना जवाब के नहीं छोड़ी जाएगी." IRGC ने दावा किया कि जवाबी कार्रवाई के पहले चरण में उसकी नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर संयुक्त मिसाइल और ड्रोन हमला किया.
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है. IRGC ने इसे अमेरिका की कार्रवाई के जवाब में "सजा देने वाली जवाबी कार्रवाई का पहला चरण" बताया है.
IRGC का आरोप है कि अमेरिका ने अपने वादों का उल्लंघन किया और ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों के साथ पूर्वी ईरान के दो पुलों पर हमला किया. इसके बाद नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने मिलकर यह ऑपरेशन शुरू किया.
IRGC ने दावा किया कि कुवैत के आरिफजान और अली अल सलेम, जबकि बहरीन के जुफैर और शेख ईसा स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. साथ ही चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने आगे और हमले किए तो क्षेत्र में मौजूद दूसरे अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया जाएगा.
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए कहा, "हमला करोगे तो जवाब मिलेगा." गालिबाफ ने कहा कि धमकी देना और वादे तोड़ना अब बिना कीमत चुकाए संभव नहीं है. उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट का जिक्र करते हुए कहा कि वहां जहाजों की आवाजाही सिर्फ "ईरान की व्यवस्था के तहत होगी, अमेरिका की धमकियों से नहीं." उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा, "बेकार की कोशिश मत करो, नहीं तो और गहरे फंस जाओगे."
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा है कि इस समय मिडिल ईस्ट के अलग-अलग समुद्री इलाकों में अमेरिकी नौसेना के 20 से ज्यादा युद्धपोत गश्त कर रहे हैं. CENTCOM के मुताबिक, इनका मकसद क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखना है. उसने यह भी बताया कि पिछले महीने अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों और लड़ाकू विमानों ने अरब सागर में एक साथ ऑपरेशन किया था. CENTCOM ने कहा कि यह अभ्यास अमेरिका की सैन्य ताकत और जबरदस्त मारक क्षमता का प्रदर्शन था.
अमेरिका की तरफ से ईरान पर नए सैन्य हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई है. रॉयटर्स के मुताबिक, बाजार को अब नहीं लग रहा कि अमेरिका-ईरान तनाव जल्द खत्म होगा या होर्मुज स्ट्रेट जल्दी खुल पाएगा. ब्रेंट क्रूड की कीमत 78 सेंट यानी करीब 1 फीसदी बढ़कर 78.8 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई. वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 74 सेंट यानी 1.01 फीसदी चढ़कर 74.26 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने अमेरिका पर समझौते की शर्तें तोड़ने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच हुआ समझौता भरोसे नहीं बल्कि "वादा निभाने के बदले वादा निभाने" के सिद्धांत पर आधारित था.
बकाई ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही से जुड़े समझौते का उल्लंघन किया और ईरान पर हमले कर समझौते की पूरी व्यवस्था को तोड़ा. उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को "अपराधी और हत्यारा" बताते हुए कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा.
अमेरिका की तरफ से ईरान पर हुए हमलों के बाद खाड़ी देशों में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है. कतर में लोगों से घरों में रहने, कांच की खिड़कियों से दूर रहने और अगली जानकारी तक बाहर नहीं निकलने की अपील की गई थी.
हालांकि, कुछ देर बाद नया अलर्ट जारी कर कहा गया कि खतरा टल गया है और लोग सामान्य जीवन शुरू कर सकते हैं. वहीं कुवैत ने बताया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने कुछ ड्रोन और मिसाइलों को रोक दिया. बहरीन ने भी लोगों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया. खाड़ी देशों को आशंका है कि अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान जवाबी कार्रवाई कर सकता है, जबकि इन देशों का कहना है कि वे इस जंग का हिस्सा नहीं हैं.
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