New दिल्ली : भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार को लेकर बड़ी पहल की है। तीनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आवश्यक बदलावों के लिए तय समय-सीमा के भीतर औपचारिक टेक्स्ट-आधारित बातचीत तुरंत शुरू करने की मांग की है। इसके साथ ही तीनों देशों ने भारत की ‘क्रिटिकल मिनरल्स सर्कुलैरिटी इनिशिएटिव’ का समर्थन किया और जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की।ये फैसले न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA81) के 81वें सत्र के दौरान हुई 14वीं IBSA त्रिपक्षीय मंत्री-स्तरीय बैठक के बाद सामने आए। बैठक के बाद विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में इन मुद्दों की जानकारी दी गई।
IBSA बैठक में शामिल हुए तीनों देशों के विदेश मंत्री
14वीं IBSA मंत्री-स्तरीय बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय संबंध और सहयोग मंत्री रोनाल्ड लमोला और ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा शामिल हुए।बैठक में वैश्विक राजनीति, संयुक्त राष्ट्र सुधार, आतंकवाद, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।IBSA यानी इंडिया-ब्राजील-साउथ अफ्रीका समूह तीनों लोकतांत्रिक विकासशील देशों के बीच सहयोग का एक मंच है, जो वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण रखने के लिए बनाया गया है।
UNSC सुधार पर बातचीत तेज करने की मांग
बैठक के दौरान मंत्रियों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार को लेकर लंबे समय से चल रही अंतर-सरकारी बातचीत (IGN) में प्रगति की कमी पर चिंता जताई।उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा परिषद की संरचना में बदलाव जरूरी है।विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, तीनों देशों ने UNGA81 के दौरान औपचारिक रूप से टेक्स्ट-आधारित बातचीत शुरू करने और तय समय-सीमा के भीतर ठोस परिणाम हासिल करने की दिशा में प्रयास बढ़ाने पर जोर दिया।
भारत और ब्राजील की स्थायी सीट की मांग का समर्थन
IBSA देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को अधिक प्रतिनिधित्व वाला और प्रभावी बनाने की जरूरत बताई।बैठक में अफ्रीकी देशों की सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की आकांक्षाओं का समर्थन किया गया। इसके साथ ही ब्राजील और भारत की स्थायी सीट की मांग को भी जायज बताया गया।तीनों देशों ने कहा कि वैश्विक संस्थाओं में वर्तमान दुनिया की राजनीतिक और आर्थिक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित किया जाना चाहिए।
UN महासभा की भूमिका मजबूत करने पर जोर
IBSA देशों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिकारों को मजबूत करने की जरूरत पर भी बल दिया।मंत्रियों ने कहा कि सुरक्षा परिषद में किसी तरह की निष्क्रियता के कारण संयुक्त राष्ट्र की व्यापक भूमिका प्रभावित नहीं होनी चाहिए।उन्होंने एक ऐसी वैश्विक व्यवस्था की वकालत की, जिसमें सभी देशों की भागीदारी और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो।
पहलगाम आतंकी हमले की निंदा
बैठक में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए आतंकवादी हमले की भी चर्चा हुई।IBSA देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।तीनों देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों और उसके समर्थनों के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत की क्रिटिकल मिनरल्स पहल को समर्थन
IBSA समूह ने भारत की ‘क्रिटिकल मिनरल्स सर्कुलैरिटी इनिशिएटिव’ का भी समर्थन किया।यह पहल G20 के तहत भारत की ओर से प्रस्तावित की गई थी। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों के बेहतर प्रबंधन, रीसाइक्लिंग, अर्बन माइनिंग और सेकंड-लाइफ बैटरी जैसी तकनीकों को बढ़ावा देना है।क्रिटिकल मिनरल्स का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी और आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
टिकाऊ ऊर्जा बदलाव पर साझा प्रयास
तीनों देशों ने टिकाऊ ऊर्जा बदलाव और मजबूत सप्लाई चेन की जरूरत पर भी जोर दिया।बैठक में कहा गया कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता और उनका सही उपयोग बेहद जरूरी है।IBSA देशों का मानना है कि तकनीकी नवाचार और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से सतत विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है।
वैश्विक मुद्दों पर बढ़ता सहयोग
भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका लगातार वैश्विक मंचों पर विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने की कोशिश करते रहे हैं।IBSA बैठक में लिए गए फैसले संयुक्त राष्ट्र सुधार, आतंकवाद विरोधी सहयोग और टिकाऊ विकास जैसे क्षेत्रों में तीनों देशों की साझा प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं।UNSC सुधार को लेकर तीनों देशों की मांग ऐसे समय में सामने आई है, जब कई देश वैश्विक संस्थाओं में अधिक प्रतिनिधित्व और बदलाव की मांग कर रहे हैं।