सिडनी : ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में आयोजित ऑस्ट्रेलियन तिब्बती कम्युनिटी एसोसिएशन (ATCA) की 10वीं आम बैठक में तिब्बती संस्कृति, भाषा और पहचान के संरक्षण को लेकर चर्चा हुई। 26 से 27 सितंबर तक चली इस बैठक में चीन के नए "एथनिक यूनिटी लॉ एंड प्रोग्रेस" (जातीय एकता कानून और प्रगति) को लेकर प्रतिनिधियों ने चिंता व्यक्त की और तिब्बती विरासत को सुरक्षित रखने के लिए अधिक प्रयास करने का आह्वान किया।सेंट्रल तिब्बती एडमिनिस्ट्रेशन (CTA) के अनुसार, बैठक में ऑस्ट्रेलिया के अलग-अलग हिस्सों से आए 10 तिब्बती संघों के प्रतिनिधि और नेता शामिल हुए। इस दौरान तिब्बती पहचान, सांस्कृतिक संरक्षण, तिब्बत से जुड़े मुद्दों पर वकालत और दुनियाभर में बसे तिब्बती समुदायों को मजबूत करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
तिब्बती संस्कृति और भाषा संरक्षण पर जोर
बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने तिब्बती संस्कृति और भाषा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की जरूरत पर बल दिया।प्रतिनिधियों ने कहा कि भाषा, परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत किसी भी समुदाय की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं। इसलिए इनके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।बैठक के दौरान तिब्बती समुदाय के नेताओं ने शिक्षा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने के तरीकों पर भी चर्चा की।
चीन के नए कानून को लेकर उठीं चिंताएं
बैठक में चीन के नए "एथनिक यूनिटी लॉ एंड प्रोग्रेस" को लेकर भी चर्चा हुई।प्रतिनिधियों ने इस कानून को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं और कहा कि तिब्बती संस्कृति, भाषा और पहचान से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।हालांकि, इस कानून को लेकर विभिन्न पक्षों के अलग-अलग विचार सामने आते रहे हैं। चीनी सरकार इसे राष्ट्रीय एकता और विभिन्न जातीय समूहों के विकास से जोड़ती है, जबकि कुछ तिब्बती समूह इसे सांस्कृतिक पहचान पर प्रभाव डालने वाला मानते हैं।
बैठक की शुरुआत पारंपरिक तरीके से हुई
दो दिवसीय ATCA बैठक की शुरुआत पारंपरिक तिब्बती रीति-रिवाजों के साथ हुई।सेंट्रल तिब्बती एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, कार्यक्रम की शुरुआत परम पावन दलाई लामा की तस्वीर के सामने पारंपरिक ‘खताग’ (Ceremonial Khatag) अर्पित करने के साथ की गई।इसके बाद तिब्बती और ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रगान गाए गए। तिब्बती समुदाय के लिए बलिदान देने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मिनट का मौन भी रखा गया।
ऑस्ट्रेलिया भर के संगठनों ने रखी रिपोर्ट
बैठक में ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न क्षेत्रों से आए तिब्बती संघों के प्रतिनिधियों ने अपनी गतिविधियों और कार्यों की रिपोर्ट पेश की।इन रिपोर्टों में समुदाय के विकास, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, युवाओं की भागीदारी और सामाजिक सहयोग से जुड़े विषय शामिल थे।प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में तिब्बती समुदाय को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।
तिब्बती समुदाय को संगठित करने पर चर्चा
बैठक का एक प्रमुख उद्देश्य ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले तिब्बती समुदायों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी था।प्रतिनिधियों ने समुदाय की जरूरतों, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और भविष्य की योजनाओं को लेकर विचार-विमर्श किया।उन्होंने कहा कि विदेशों में रहने वाले तिब्बती समुदायों के लिए अपनी संस्कृति और पहचान को बनाए रखना एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
तिब्बत मुद्दे पर वकालत जारी रखने का संकल्प
बैठक में तिब्बत से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण तरीके से जागरूकता और वकालत जारी रखने पर भी चर्चा हुई।प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिब्बती समुदाय की चिंताओं को सामने रखने और संवाद के माध्यम से समाधान तलाशने की बात कही।
बैठक का महत्व
ATCA की यह आम बैठक ऑस्ट्रेलिया में बसे तिब्बती समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण मंच मानी जाती है। इसमें समुदाय के प्रतिनिधि एक साथ आकर सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करते हैं।इस बार की बैठक में तिब्बती पहचान और सांस्कृतिक संरक्षण प्रमुख मुद्दे रहे। प्रतिनिधियों ने आने वाले समय में समुदाय को मजबूत करने और युवा पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।