New यॉर्क : संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के हाई-लेवल हफ्ते के दौरान न्यूयॉर्क में कश्मीरी डायस्पोरा के कुछ सदस्यों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर एकत्र होकर पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (PoJK) में मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाया।जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर किए गए एक पोस्ट में प्रदर्शन की जानकारी दी गई। संगठन के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र परिसर के बाहर पहुंचकर PoJK की स्थिति को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।
UN मुख्यालय के बाहर लगाए नारे
JKJAAC के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने हाथों में प्लेकार्ड लेकर अपनी मांगें रखीं। उन्होंने PoJK में सुरक्षा व्यवस्था और मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाई।संगठन ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए और उन्हें हटाने की मांग की।
मानवाधिकार मुद्दों को लेकर आरोप
प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हत्याओं, गिरफ्तारियों, कथित जबरन गायब किए जाने और नागरिक अधिकारों पर प्रतिबंध जैसे मुद्दों का उल्लेख किया।JKJAAC ने कहा कि इन मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने लाने के उद्देश्य से प्रदर्शन आयोजित किया गया।हालांकि, इन आरोपों और दावों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आती रही हैं।
UN महासभा सत्र के दौरान प्रदर्शन
संयुक्त राष्ट्र महासभा का हाई-लेवल हफ्ता दुनिया के कई देशों के नेताओं, प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए महत्वपूर्ण मंच होता है।इस दौरान कई देशों और समुदायों से जुड़े समूह अपनी मांगों और मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने रखने के लिए कार्यक्रम आयोजित करते हैं।कश्मीरी डायस्पोरा के प्रदर्शन को भी इसी दौरान आयोजित किया गया, ताकि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर वैश्विक ध्यान आकर्षित किया जा सके।
डायस्पोरा समूहों की भूमिका
दुनिया के अलग-अलग देशों में रहने वाले प्रवासी समुदाय अक्सर अपने क्षेत्रों से जुड़े सामाजिक, राजनीतिक और मानवाधिकार मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाते हैं।कश्मीरी डायस्पोरा के कुछ समूह भी लंबे समय से कश्मीर से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी गतिविधियां चलाते रहे हैं।इस प्रदर्शन के जरिए भी उन्होंने PoJK से संबंधित अपनी चिंताओं को सामने रखने का प्रयास किया।
अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करने की कोशिश
प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर अपनी मांगों और चिंताओं को प्रदर्शित किया।JKJAAC ने कहा कि उनका उद्देश्य PoJK में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की ओर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का ध्यान आकर्षित करना है।संगठन ने क्षेत्र में लोगों के अधिकारों, सुरक्षा और स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की मांग की।
क्षेत्रीय मुद्दों पर जारी बहस
जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दे लंबे समय से भारत, पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा का विषय रहे हैं।दोनों देशों के बीच क्षेत्र को लेकर अलग-अलग दावे और राजनीतिक मत हैं। मानवाधिकार, सुरक्षा और नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी समय-समय पर विभिन्न संगठनों की ओर से आवाज उठाई जाती रही है।
आगे की नजर
UN महासभा के दौरान हुए इस प्रदर्शन के बाद एक बार फिर PoJK से जुड़े मुद्दे अंतरराष्ट्रीय चर्चा में आए हैं।प्रदर्शनकारी समूहों ने अपनी मांगों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का प्रयास किया है, जबकि इस तरह के मुद्दों पर आगे की चर्चा और प्रतिक्रियाओं पर नजर रहेगी।