नई दिल्ली। भारत की विदेश और रक्षा नीति को लेकर देश की युवा पीढ़ी यानी GenZ की सोच को समझने के लिए किए गए एक सर्वे में कई दिलचस्प बातें सामने आई हैं। सर्वे के अनुसार, भारतीय युवाओं में रक्षा सहयोग के मुद्दे पर इजरायल को लेकर सकारात्मक धारणा मजबूत दिखाई दी, जबकि अमेरिका भी भारत के प्रमुख रणनीतिक साझेदारों में शामिल माना जाता है।सर्वे में युवाओं से भारत के लिए महत्वपूर्ण रक्षा सहयोगी देशों को लेकर उनकी राय पूछी गई। इसमें रक्षा क्षेत्र में सहयोग, सैन्य तकनीक, सुरक्षा साझेदारी और रणनीतिक संबंध जैसे मुद्दों को आधार बनाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी संख्या में GenZ युवाओं ने इजरायल को भारत के लिए महत्वपूर्ण रक्षा साझेदारों में शामिल बताया।
रक्षा सहयोग के कारण इजरायल की मजबूत छवि
भारत और इजरायल के बीच रक्षा संबंध पिछले कई वर्षों में मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के बीच सैन्य तकनीक, सुरक्षा सहयोग और रक्षा उपकरणों को लेकर साझेदारी रही है। इसी वजह से युवा वर्ग के एक हिस्से में इजरायल को रक्षा क्षेत्र में भरोसेमंद सहयोगी के रूप में देखा जाता है।सर्वे के अनुसार, युवाओं की राय में आधुनिक रक्षा तकनीक, आतंकवाद से मुकाबले का अनुभव और सुरक्षा सहयोग जैसे विषय महत्वपूर्ण रहे। इन कारणों से इजरायल को लेकर सकारात्मक धारणा देखने को मिली।
अमेरिका भी भारत का अहम रणनीतिक साझेदार
वहीं, अमेरिका भी भारत के लिए एक महत्वपूर्ण रक्षा और रणनीतिक साझेदार माना जाता है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग कई क्षेत्रों में बढ़ा है, जिसमें सैन्य अभ्यास, रक्षा समझौते और तकनीकी सहयोग शामिल हैं।भारत और अमेरिका के बीच रक्षा संबंधों में पिछले वर्षों में विस्तार हुआ है। दोनों देशों ने सैन्य सूचनाओं के आदान-प्रदान और रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए कई समझौते किए हैं।
युवाओं की सोच में बदलती प्राथमिकताएं
GenZ की सोच पिछली पीढ़ियों से अलग मानी जाती है। यह पीढ़ी वैश्विक घटनाओं, तकनीक और सोशल मीडिया के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मामलों को करीब से देखती है। विदेश नीति और सुरक्षा मामलों पर भी युवाओं की दिलचस्पी बढ़ी है।सर्वे से यह संकेत मिलता है कि युवा केवल ऐतिहासिक संबंधों के आधार पर नहीं, बल्कि वर्तमान समय की सुरक्षा जरूरतों, तकनीकी क्षमता और रणनीतिक साझेदारी के आधार पर देशों का मूल्यांकन कर रहे हैं।
रक्षा सहयोग में तकनीक बनी अहम कसौटी
आज के समय में रक्षा सहयोग केवल हथियारों की खरीद तक सीमित नहीं है। इसमें आधुनिक तकनीक, साइबर सुरक्षा, खुफिया जानकारी साझा करना, ड्रोन तकनीक और सैन्य प्रशिक्षण जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं।युवाओं की राय में ऐसे देश अधिक महत्वपूर्ण दिखाई देते हैं जो भारत की सुरक्षा जरूरतों में तकनीकी और रणनीतिक मदद कर सकते हैं।
भारत की बहुस्तरीय विदेश नीति
भारत लंबे समय से अलग-अलग देशों के साथ रणनीतिक संबंध बनाए हुए है। भारत की विदेश नीति में किसी एक देश पर निर्भर रहने के बजाय कई देशों के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाता है।अमेरिका के साथ भारत के संबंधों में रक्षा और तकनीकी सहयोग महत्वपूर्ण हिस्सा है, जबकि इजरायल के साथ रक्षा क्षेत्र में लंबे समय से साझेदारी रही है।
सर्वे के निष्कर्षों का क्या मतलब?
सर्वे के निष्कर्ष यह बताते हैं कि भारतीय युवाओं के बीच रक्षा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। हालांकि, किसी भी सर्वे के नतीजे उस सर्वे में शामिल लोगों की राय को दर्शाते हैं और इन्हें पूरे देश की अंतिम राय के रूप में नहीं देखा जा सकता।युवाओं की प्राथमिकताएं समय, परिस्थितियों और वैश्विक घटनाओं के अनुसार बदल सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय संबंधों में देशों के बीच सहयोग कई अलग-अलग कारकों पर निर्भर करता है।
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