नेपाल में फिर हिली धरती मस्टैंग में 5.3 तीव्रता के भूकंप से दहशत
मस्टैंग में 5.3 तीव्रता का भूकंप
काठमांडू: नेपाल में प्राकृतिक आपदा का संकट अभी खत्म नहीं हुआ है। भीषण बाढ़ और भूस्खलन से जूझ रहे देश में अब भूकंप और नदी अवरोध ने नई चिंता बढ़ा दी है। नेपाल के मस्टैंग जिले में मंगलवार रात 5.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। वहीं, भूस्खलन के कारण एक नदी का बहाव रुक गया है, जिससे निचले इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। नेपाल के राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र मस्टैंग जिले के लोमान्थांग क्षेत्र में था। झटके आसपास के मनांग, डोल्पा और म्याग्दी जिलों में भी महसूस किए गए। हालांकि शुरुआती जानकारी के अनुसार भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की तत्काल सूचना नहीं मिली है।
भूस्खलन से नदी का बहाव बाधित
भूकंप के बीच नेपाल के पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। परबत जिले में भूस्खलन के कारण किमरुंग नदी का बहाव प्रभावित हुआ है, जिससे नदी में पानी जमा होने और अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन से नदी का रास्ता रुकना बेहद खतरनाक माना जाता है। अगर जमा पानी अचानक टूटकर बहता है तो नीचे बसे गांवों में भारी नुकसान हो सकता है।
पहले से आपदा से जूझ रहा नेपाल
नेपाल पहले ही भीषण बाढ़ और भूस्खलन की त्रासदी से जूझ रहा है। 26 अगस्त को आई विनाशकारी आपदा में कई इलाकों में भारी तबाही हुई थी। हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे कर्मियों को निकालने के लिए अभी भी बचाव अभियान जारी है। रेस्क्यू टीमों ने मलबे और कीचड़ से भरी सुरंगों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए ऑक्सीजन सप्लाई और आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया है। कई हाइड्रोपावर परियोजनाएं इस आपदा से प्रभावित हुई हैं।
बढ़ी चिंता और राहत कार्य तेज
लगातार प्राकृतिक घटनाओं के कारण नेपाल प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। भूकंप, भूस्खलन और बाढ़ के खतरे के बीच राहत एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्र में लगातार बदलते मौसम, कमजोर पहाड़ी ढांचे और भूकंपीय गतिविधियां आपदा का खतरा बढ़ा रही हैं। ऐसे में शुरुआती चेतावनी प्रणाली और सुरक्षित स्थानों पर लोगों की तैयारी बेहद जरूरी है। फिलहाल नेपाल में प्रशासन की नजर प्रभावित इलाकों पर बनी हुई है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।