वॉशिंगटन। अमेरिका ने अपनी और सहयोगी देशों की वायु युद्ध क्षमता मजबूत करने के लिए AMRAAM मिसाइलों के उत्पादन को बड़े स्तर पर बढ़ाने की तैयारी की है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने रेथियॉन को पांच साल की अवधि के लिए 20.7 अरब अमेरिकी डॉलर तक का बहुवर्षीय कॉन्ट्रैक्ट दिया है। इसमें दो अतिरिक्त वर्षों का विकल्प भी शामिल है। इस समझौते का उद्देश्य एडवांस्ड मीडियम-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल यानी AMRAAM के उत्पादन को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाना और अमेरिका के साथ उसके अंतरराष्ट्रीय साझेदारों की बढ़ती मांग पूरी करना है।कॉन्ट्रैक्ट की अधिकतम संभावित कीमत 20.7 अरब डॉलर रखी गई है। इसका मतलब यह नहीं है कि पूरी राशि तत्काल खर्च की जाएगी। वास्तविक खर्च अलग-अलग वर्षों में दिए जाने वाले ऑर्डर, उत्पादन मात्रा और कॉन्ट्रैक्ट के तहत इस्तेमाल किए जाने वाले विकल्पों पर निर्भर करेगा। RTX के मुताबिक यह पांच साल का बहुवर्षीय कॉन्ट्रैक्ट है, जिसे जरूरत पड़ने पर दो और वर्षों तक बढ़ाया जा सकता है।
यह नया समझौता अमेरिका की उस व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसके तहत महत्वपूर्ण मिसाइलों और हथियारों की उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा रही है। फरवरी 2026 में रेथियॉन और अमेरिकी रक्षा विभाग के बीच कई मिसाइल प्रणालियों का उत्पादन बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक फ्रेमवर्क समझौते किए गए थे। इनमें AMRAAM के साथ Tomahawk और Standard Missile परिवार की मिसाइलें भी शामिल थीं। उस योजना के तहत AMRAAM का सालाना उत्पादन कम से कम 1,900 मिसाइल तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया।AMRAAM का पूरा नाम Advanced Medium-Range Air-to-Air Missile है। इसे मुख्य रूप से हवा से हवा में लक्ष्य भेदने के लिए विकसित किया गया है। यह आधुनिक लड़ाकू विमानों को दृश्य सीमा से बाहर मौजूद हवाई लक्ष्यों को निशाना बनाने की क्षमता देती है। मिसाइल में एडवांस्ड गाइडेंस और इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।
RTX के मुताबिक AMRAAM अब 14 अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल की जाती है और 44 देशों ने इसे अपने हथियार बेड़े में शामिल किया है। कंपनी का कहना है कि परीक्षण और युद्ध परिस्थितियों में AMRAAM के 7,000 से ज्यादा सफल लाइव फायर हो चुके हैं। इसका इस्तेमाल केवल लड़ाकू विमानों से दागी जाने वाली मिसाइल के रूप में नहीं होता, बल्कि NASAMS एयर डिफेंस सिस्टम में भी इसे इंटरसेप्टर के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।इस कॉन्ट्रैक्ट में अमेरिकी वायु सेना और नौसेना के साथ विदेशी सैन्य बिक्री यानी Foreign Military Sales के जरिए AMRAAM खरीदने वाले सहयोगी देशों की जरूरतों को भी शामिल किया जाएगा। अमेरिकी बजट दस्तावेजों में पहले भी AMRAAM खरीद में अमेरिकी वायु सेना, नौसेना और विदेशी ग्राहकों के संयुक्त उत्पादन आधार का उल्लेख किया गया है। अलग-अलग ग्राहक और उत्पादन मात्रा मिसाइल की प्रति यूनिट लागत को भी प्रभावित कर सकते हैं।
अमेरिकी रक्षा विभाग में अधिग्रहण और रखरखाव के अंडर सेक्रेटरी माइकल पी. डफी ने हथियार उत्पादन बढ़ाने की नीति को अमेरिकी रक्षा औद्योगिक आधार मजबूत करने से जोड़ा है। विभाग की “Arsenal of Freedom” पहल के तहत कंपनियों को लंबे समय की मांग का संकेत देकर नए कारखानों, कर्मचारियों और सप्लाई चेन में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि इससे हथियारों की डिलीवरी तेजी से की जा सकेगी और उत्पादन में आने वाली रुकावटों को कम किया जा सकेगा।
रेथियॉन के अध्यक्ष फिल जैस्पर ने कहा कि कंपनी बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कर्मचारियों, उत्पादन तकनीक, सप्लाई चेन और मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं में निवेश बढ़ा रही है। कंपनी अमेरिका की वायु सेना, नौसेना और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के लिए AMRAAM उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है।हाल के वर्षों में AMRAAM का उत्पादन पहले ही तेजी से बढ़ाया गया है। RTX के अनुसार 2025 में इसका उत्पादन 2024 के मुकाबले लगभग दोगुना रहा। कंपनी ने उत्पादन बढ़ाने के लिए अमेरिका में सैकड़ों छोटे और मध्यम आकार के सप्लायर्स के साथ काम किया है। इसके साथ ही भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर को-प्रोडक्शन की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
फरवरी में घोषित फ्रेमवर्क समझौते के तहत AMRAAM का सालाना उत्पादन कम से कम 1,900 यूनिट तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया था। यह कंपनी के लिए रिकॉर्ड उत्पादन स्तर होगा। यह बढ़ोतरी ऐसे समय की जा रही है जब अमेरिका और उसके सहयोगी देश एयर-टू-एयर और एयर डिफेंस मिसाइलों का भंडार बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।AMRAAM कार्यक्रम में तकनीकी सुधार भी लगातार किए जा रहे हैं। RTX के मुताबिक पांचवीं पीढ़ी के मौजूदा AMRAAM संस्करणों में आधुनिक प्रोसेसर लगाए गए हैं, जिससे सॉफ्टवेयर अपडेट तेजी से किए जा सकते हैं और नए खतरों के हिसाब से सिस्टम को बदला जा सकता है। 2025 में रेथियॉन और अमेरिकी वायु सेना ने F-22 लड़ाकू विमान से AMRAAM की लंबी दूरी की क्षमता का परीक्षण भी किया था।
अमेरिकी बजट दस्तावेजों से भी AMRAAM की लगातार बढ़ती मांग का संकेत मिलता है। वित्त वर्ष 2026 के अमेरिकी रक्षा बजट में वायु सेना और नौसेना के लिए सैकड़ों AMRAAM मिसाइलों की खरीद के लिए धन निर्धारित किया गया था। नए दीर्घकालिक कॉन्ट्रैक्ट के जरिए उत्पादन को अधिक स्थिर बनाने और उद्योग को आने वाले वर्षों की मांग के बारे में स्पष्ट संकेत देने की कोशिश की जा रही है।कुल मिलाकर 20.7 अरब डॉलर तक का यह कॉन्ट्रैक्ट तत्काल एकमुश्त खरीद के बजाय AMRAAM मिसाइल उत्पादन के लिए दीर्घकालिक ढांचा तैयार करता है। अमेरिका का लक्ष्य उत्पादन क्षमता बढ़ाकर अपनी वायु सेना और नौसेना के साथ सहयोगी देशों की जरूरतें पूरी करना है। वहीं रेथियॉन उत्पादन, कर्मचारियों और सप्लाई चेन में निवेश बढ़ाकर AMRAAM की सालाना उत्पादन क्षमता को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है।