सड़कों पर लाशें और घरों में आग, भीषण संघर्ष के बीच पोलैंड से निर्वासित सरकार चलाने की तैयारी
यूक्रेन पर हमले के 12वें दिन भी राजधानी में रूसी सेना ने प्रवेश करने की कोशिश में कीव के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में लगातार बमबारी जारी रखी। बूचा, होस्तोमेल और इरपिन में भीषण संघर्ष जारी रहा।
यूक्रेन पर हमले के 12वें दिन भी राजधानी में रूसी सेना ने प्रवेश करने की कोशिश में कीव के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में लगातार बमबारी जारी रखी। बूचा, होस्तोमेल और इरपिन में भीषण संघर्ष जारी रहा। मैरियूपोल में संघर्ष विराम के एलान के बावजूद धमाके होते रहे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, यहां घर आग में घिरे हैं जिसे बुझाने वाला कोई नहीं। सड़कों पर लाशें बिखरी हुई हैं, जिन्हें हटाने वाला भी कोई नहीं है।
मैरियूपोल शहर में रूस और यूक्रेन दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे पर संघर्ष विराम तोड़ने का आरोप लगाया। यहां पिछले पांच दिनों से बिना बिजली-पानी और भोजन के अपने बीमार दादा-दादी को निकालने के लिए फंसे 27 वर्षीय आईटी डेवलपर मैक्सिम ने बीबीसी को बताया कि वे संघर्ष विराम की थोथी घोषणा के बावजूद निकल नहीं पाए हैं। यहां लगातार बमबारी जारी है, लाशें सड़कों पर बिखरी हैं जिन्हें हटाने वाला कोई नहीं है। सभी जगह धुएं के गुबार उठ रहे हैं, जबकि इन्हीं हालात में हजारों लोग इमारतों में फंसे हुए हैं। उन्हें नहीं पता कि कौनसा बम या मिसाइल उनकी सांसें छीन लेगा।
उधर, बूचा और इरपिन में एक ही परिवार के लोग पुल पार करते वक्त मोर्टार का शिकार हुए और वहीं दम तोड़ दिया। यूक्रेनी उप प्रधानमंत्री ओल्हा स्टेफनीशिना ने बताया कि रूस आतंकी योजना बनाकर हवा और जमीन दोनों तरफ से हमले कर रहा है। कीव के आसपास 12वें दिन रूसी सेना की घेराबंदी तेज हो गई है। रूस अब पूरी ताकत से कीव पर कब्जे की रणनीति बना रहा है। कीव के पास इरपिन में भारी तबाही का मंजर सामने आया है।
हमलों के बीच रूस के रक्षा मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि यूक्रेन अपने दक्षिणी शहर मैरियूपोल को छोड़ने में लोगों की मदद करने के लिए मानवीय गलियारा बनाने के अपने वादे पर खरा नहीं उतर सका है। उसने कहा कि रूस ने रविवार को देर रात तक मैरियूपोल से नागरिकों को निकालने का एक और प्रयास किया था। हमने गलियारा स्थापित करने की सभी शर्तें पूरी कीं जबकि यूक्रेनी पक्ष उन्हें नहीं निभा सका।
रूस पर लगे प्रतिबंध पर्याप्त नहीं : जेलेंस्की
युद्धग्रस्त देश के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से रूस के खिलाफ प्रतिबंध और कड़े करने का आग्रह किया है। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, हमला करने वाले का दुस्साहस दिखाता है कि रूस के खिलाफ मौजूदा प्रतिबंध पर्याप्त नहीं हैं। जेलेंस्की ने ऐसे अपराधों का आदेश देने और उन्हें अंजाम देने वालों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए एक प्राधिकरण बनाने का आह्वान किया।
ग्लोबल सिटीजन के साथ मिलकर मदद का आह्वान
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को उनके देश की रक्षा करने में एक नया साझेदार 'ग्लोबल सिटीजन' मिला है जो अत्यधिक गरीबी से लड़ने वाला गैर लाभकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है। जेलेंस्की और ग्लोबल सिटीजन ने संगठन के लाखों सदस्यों के साथ ही उसके सरकारी, कॉरपोरेट और परोपकारी साझेदारों से कार्रवाई का आह्वान किया।
रूसी हमलों के खिलाफ अमेरिका ने यूक्रेन में भले ही सीधे तौर पर अपनी सेना नहीं उतारी हो लेकिन वे बहुत आगे की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिए हैं। यूक्रेन में राष्ट्रपति वोलोमिदीर जेलेंस्की की सरकार को बचाए रखने के लिए अमेरिका ने दूसरी योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसके तहत यूक्रेन पर रूसी कब्जा होने की स्थिति में अमेरिका ने पोलैंड से निर्वासित जेलेंस्की सरकार चलाने की तैयारी की है। अमेरिका की योजना लंबे समय तक रूस के साथ गुरिल्ला युद्ध संचालित करने की है।
अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट ने जो बाइडन प्रशासन के सूत्रों के हवाले से कहा, हम आपात हालात के लिए योजनाएं तैयार कर रहे हैं। इसके तहत यूक्रेन के सहयोगी देश पोलैंड में निर्वासित सरकार के गठन में मदद कर सकते हैं ताकि युद्धग्रस्त देश में गुरिल्ला युद्ध जारी रहे। इससे पूर्व 4 मार्च को रूसी संसद के स्पीकर ने कहा था कि जेलेंस्की पोलैंड गए थे। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। बाद में स्पीकर ने कहा कि राष्ट्रपति जेलेंस्की अभी कीव में ही मौजूद हैं। इस बीच, जेलेंस्की ने भी यूक्रेन से ही अपना एक वीडियो संदेश भी भेजा।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भरोसा दिया है कि यूक्रेन के सुमी में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए उनकी सेना हरसंभव मदद देगी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी भारतीयों की सुरक्षित निकासी पर सहमति जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पहले जेलेंस्की से 35 मिनट, बाद में पुतिन से फोन पर 50 मिनट तक चर्चा की। इस दौरान, यूक्रेन में अब भी फंसे भारतीयों की सुरक्षा पर चिंता जताई। सुमी में करीब 700 भारतीय छात्र फंसे हैं।
पीएम मोदी ने दोनों नेताओं से वार्ता के दौरान रूस-यूक्रेन के बीच चल रही वार्ता का स्वागत किया और आशा जताई कि सीधी बातचीत से ही संघर्ष समाप्त होगा। बाद में, रूस ने सुमी समेत कीव, खारकीव व मैरियूपोल शहरों से नागरिकों को निकालने के लिए छह सुरक्षित गलियारे खोलने का प्रस्ताव देते हुए इन शहरों पर हमले रोकने की घोषणा की। मगर, यूक्रेन ने प्रस्ताव खारिज कर दिया। इस कारण निकासी शुरू नहीं हो पाई।
रूस ने कीव से विमानों के माध्यम से भी लोगों को निकालने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव के अनुसार, कीव से प्रस्तावित गलियारा बेलारूस, जबकि खारकीव का गलियारा रूस की ओर जाएगा। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के प्रवक्ता ने प्रस्ताव को अनैतिक करार देते हुए मानने से इनकार कर दिया। प्रवक्ता ने कहा, रूस लोगों के कष्ट का इस्तेमाल टीवी की तस्वीरों के लिए करना चाहता है। यूक्रेन ने आठ मानवीय गलियारों का प्रस्ताव रखा है जहां से नागरिक पश्चिमी यूक्रेन की ओर जा पाएंगे। इसके लिए गोलाबारी पूरी तरह रोकने की बात कही है।
रूस ने सोमवार को यूक्रेन के माइकोलेव शहर पर जोरदार बमबारी की जिसके कारण शहर के रिहाइशी इलाकों में आग लग गई। रूस ने दावा किया है कि उसने यूक्रेन में 2400 के करीब सैन्य ठिकाने तबाह किए हैं। वहीं, संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने दावा किया है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष में अबतक 406 नागरिकों की मौत हुई है, जबकि 801 घायल हैं।
भारत के समर्थन के लिए शुक्रगुजार : जेलेंस्की
जेलेंस्की ने ट्वीट किया, मैंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूसी हमले के खिलाफ यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई की जानकारी दी। भारत ने अपने नागरिकों को दी मदद और उच्चस्तर पर यूक्रेन के शांतिवार्ता प्रयासों की सराहना की। यूक्रेनी लोगों के लिए उनके समर्थन का शुक्रगुजार हूं।
तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा
यूक्रेन-रूस के बीच तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। रूसी वार्ताकार व्लादिमीर मेदिंस्की ने कहा, मानवीय गलियारे पर मंगलवार से अमल होने लगेगा। यूक्रेन के वार्ताकार मिखाइल पोदोल्याक ने कहा कि वार्ता में हलकी प्रगति हुई है। वहीं, दोनों देशाें के विदेशमंत्री भी तुर्की में मिल सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय अदालत : सुनवाई में शामिल नहीं हुआ रूस
यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) से आग्रह किया कि रूस को हमले रोकने का आदेश दिया जाए। हालांकि, आईसीजे की कार्रवाई में रूस शामिल नहीं हुआ। बाद में रूस ने सुनवाई की आलोचना की।
ऑपरेशन गंगा : 7 नागरिक उड़ानों से 1314 भारतीय स्वदेश लौटे
ऑपरेशन गंगा के तहत सोमवार को 7 नागरिक उड़ानों से 1314 भारतीय स्वदेश लौटे। इन लोगों को यूक्रेन के पड़ोसी मुल्कों से एयरलिफ्ट किया गया। सोमवार को चार उड़ानें दिल्ली पहुंचीं और दो मुंबई में उतरीं। एक उड़ान सोमवार देर शाम भारत पहुंची। वहीं, मंगलवार को दो विशेष नागरिक उड़ानें सुसेआवा और रोमानिया से 400 से अधिक लोगों को लेकर लौटेंगी।