नई दिल्ली: टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (TRAI) ने मंगलवार को 'टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशन, 2026' जारी किया। इसके तहत कम समय की वैलिडिटी वाले सिर्फ़ वॉइस और SMS के लिए कम कीमत वाले स्पेशल टैरिफ वाउचर (STV) देना ज़रूरी कर दिया गया है।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस संशोधित नियम से कम आय वाले ग्राहकों को ज़्यादा विकल्प मिलेंगे, जिससे वे अपनी ज़रूरतों और आर्थिक क्षमता के हिसाब से रिचार्ज करा सकेंगे।
संचार मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इस संशोधन के तहत टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को वॉइस और SMS के लिए ऐसे STV देने होंगे जिनकी वैलिडिटी 30 दिन या उससे कम हो।
इसके अलावा, ऐसे STV भी उपलब्ध होने चाहिए जिन्हें हर महीने उसी तारीख को रिन्यू किया जा सके (या अगर वह तारीख उपलब्ध न हो, तो महीने की आखिरी तारीख को)।
वॉइस, SMS और डेटा के लिए दिए जा रहे STV की वैलिडिटी के हिसाब से, ज़्यादा वैलिडिटी वाला कम से कम एक STV देना भी ज़रूरी किया गया है।
बयान में कहा गया, "अथॉरिटी का मानना है कि इस तरह का टैरिफ सिस्टम ग्राहकों की ज़रूरतों को अच्छी तरह पूरा करेगा। कुल मिलाकर, इससे उन ग्राहकों के लिए विकल्प बेहतर होंगे जो डेटा वाले STV इस्तेमाल नहीं करना चाहते।"
TRAI ने अपनी वेबसाइट पर सलाह-मशविरे के लिए TCPR, 2026 का ड्राफ्ट 7 अप्रैल, 2026 को जारी किया था।
TCPR (बारहवां संशोधन), 2024 लागू होने के बाद से, अथॉरिटी ने देखा कि टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स की ओर से सिर्फ़ वॉइस और SMS वाले स्पेशल टैरिफ वाउचर (STV) की उपलब्धता सीमित थी।
अथॉरिटी ने पाया कि ऐसे बहुत कम STV दिए जा रहे थे जिनकी वैलिडिटी ज़्यादा थी, जिससे कम आय वाले ग्राहक कम समय वाले सस्ते विकल्पों से वंचित रह जाते थे।
मंत्रालय ने बताया कि स्टेकहोल्डर्स से मिली प्रतिक्रिया और अपने विश्लेषण के आधार पर, TRAI ने 'टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशन, 2026' को अंतिम रूप दिया है।