Electric गाड़ी खरीदने वालों को मिलेगा मोटा फायदा
दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला
New Delhi नई दिल्ली : राजधानी में प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) नीति को मंजूरी दे दी है। सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नई ईवी पॉलिसी को स्वीकृति प्रदान की गई। सरकार का कहना है कि इस नीति का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देना और प्रदूषण के स्तर में कमी लाना है।नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले पात्र उपभोक्ताओं को 50 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा, जो लोग अपनी पुरानी कार को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर में कबाड़ के रूप में जमा करेंगे, उन्हें 1 लाख रुपये तक का इंसेंटिव देने का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या कम करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इस नीति को अंतिम स्वीकृति के लिए उपराज्यपाल (एलजी) के पास भेजा जाएगा। एलजी की मंजूरी मिलने के बाद इसे 1 जुलाई 2026 से पूरे दिल्ली में लागू करने की तैयारी है।सरकार के अनुसार, नई ईवी नीति के जरिए राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही नागरिकों को पेट्रोल और डीजल वाहनों के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जाएगा।
दिल्ली लंबे समय से वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। ऐसे में सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी आएगी और शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।नई नीति के लागू होने के बाद वाहन खरीदारों को आर्थिक लाभ मिलने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार ने उम्मीद जताई है कि इस पहल से अधिक लोग इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।