US कोर्ट में खुलासा: Instagram पर कम उम्र के बच्चों की सुरक्षा से समझौता
नई दिल्ली: कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा के एक पूर्व इंजीनियरिंग डायरेक्टर ने अमेरिकी फ़ेडरल कोर्ट में गवाही दी कि इंस्टाग्राम ने 13 साल से कम उम्र के बच्चों के मामले में "पूछो मत, बताओ मत" (don’t ask, don’t tell) वाला रवैया अपनाया। कंपनी पर युवा यूज़र्स को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाते हुए कहा गया कि उसने सुरक्षा के बजाय यूज़र एंगेजमेंट और ग्रोथ को प्राथमिकता दी।
आर्टुरो बेजार – जिन्होंने पहले बच्चों की सुरक्षा पर कांग्रेस के सामने गवाही दी थी – ने कोर्ट में अपनी गवाही के दूसरे दिन कहा कि मेटा कर्मचारियों के परफॉर्मेंस और सैलरी का आकलन मुख्य रूप से एंगेजमेंट मेट्रिक्स (जैसे यूज़र्स की संख्या और प्लेटफ़ॉर्म पर बिताया गया समय) के आधार पर करता था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा, "इस संदर्भ में, सुरक्षा पर बाद में ध्यान दिया जाता था।"
बेजार ने यह भी गवाही दी कि उनकी रिसर्च में पाया गया कि 13 साल से कम उम्र के "हज़ारों" बच्चे इंस्टाग्राम का इस्तेमाल कर रहे थे और कंपनी के अंदर यह "आम बात" थी कि इतने कम उम्र के यूज़र्स इस ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे।
कैलिफ़ोर्निया, कोलोराडो, केंटकी और न्यू जर्सी बनाम मेटा के इस मुक़दमे में बेजार ने बताया कि मेटा के पास फ़ेक अकाउंट्स का पता लगाने के लिए एडवांस्ड सिस्टम थे, लेकिन कर्मचारियों के लिए ऐसे बच्चों की उम्र का पता लगाने और जाँचने का कोई "लक्ष्य या पैमाना" नहीं था, जिनके 13 साल से कम उम्र के होने का शक हो।
फ़ेडरल कोर्ट में इस मामले को आगे बढ़ाने वाले राज्य उन 29 राज्यों में शामिल हैं जिन्होंने 2023 में इस टेक कंपनी पर मुक़दमा किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर ऐसे फ़ीचर्स बनाए जिनसे बच्चे उनके प्लेटफ़ॉर्म के आदी हो गए, जिससे युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य का संकट पैदा हुआ।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि मुक़दमे में यह भी आरोप लगाया गया है कि मेटा ने फ़ेडरल कानून का उल्लंघन करते हुए माता-पिता की सहमति के बिना 13 साल से कम उम्र के बच्चों का डेटा इकट्ठा किया। मेटा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मुक़दमे के दौरान पेश किए गए सबूत सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दिखाएंगे।
उन्होंने आगे बताया कि मेटा के वकील पॉल श्मिट ने कहा, "इस केस के दौरान आप कई महत्वपूर्ण मुद्दों के बारे में सुनेंगे, जैसे टीनएजर्स का मानसिक स्वास्थ्य, सोशल मीडिया, और टीनएजर्स सोशल मीडिया का इस्तेमाल कैसे करते हैं।"
उन्होंने कहा, "ये महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, और मेटा का मानना है कि इन पर उसकी ज़िम्मेदारी है। उसकी ज़िम्मेदारी है कि वह खुद कदम उठाए। उसकी ज़िम्मेदारी है कि वह टीनएजर्स और माता-पिता के साथ मिलकर इन सवालों को हल करने की कोशिश करे।"
बेजार ने इंस्टाग्राम द्वारा युवाओं के अनुभव को सुरक्षित बनाने के लिए लाए गए कथित फ़ीचर्स की भी आलोचना की और कहा कि इनसे कोई फ़ायदा नहीं हुआ। बेजार ने बताया कि 2021 में लॉन्च किया गया इंस्टाग्राम का 'टेक अ ब्रेक' (ब्रेक लेने वाला) फ़ीचर इसलिए फ़ेल हो गया क्योंकि यूज़र्स को इसे खुद चालू करना पड़ता था और वे आसानी से इसके प्रॉम्प्ट्स को हटा सकते थे।
उन्होंने कहा, "सेफ़्टी टूल डिफ़ॉल्ट रूप से चालू होना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि अगर मेटा सच में चाहता कि यूज़र्स ब्रेक लें, तो इस फ़ीचर को उंगली से टैप करके इतनी आसानी से हटाया नहीं जा सकता था।