नई दिल्ली। शहरों में बढ़ते ट्रैफिक और रोजाना की ड्राइविंग को आसान बनाने के लिए भारतीय ग्राहकों के बीच ऑटोमैटिक कारों की मांग लगातार बढ़ रही है। पहले ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन को महंगी कारों का फीचर माना जाता था, लेकिन अब बजट सेगमेंट में भी कई कंपनियां AMT यानी ऑटोमेटेड मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कारें पेश कर रही हैं। अगर आपका बजट करीब **9 लाख रुपये तक** है, तो मारुति सुजुकी, हुंडई और टाटा जैसी कंपनियों के कई विकल्प बाजार में मौजूद हैं। मौजूदा लिस्टिंग में मारुति बलेनो, स्विफ्ट, हुंडई ग्रैंड i10 निओस और टाटा टियागो जैसी कारों के ऑटोमैटिक विकल्प इस बजट के आसपास मिल जाते हैं। कीमतें वेरिएंट और शहर के हिसाब से बदल सकती हैं।
मारुति सुजुकी स्विफ्ट
इस बजट में सबसे चर्चित विकल्पों में **मारुति सुजुकी स्विफ्ट** शामिल है। स्विफ्ट लंबे समय से भारतीय बाजार की लोकप्रिय हैचबैक रही है और इसका ऑटोमैटिक विकल्प उन ग्राहकों के लिए उपयोगी है, जो रोजाना शहर में कार चलाते हैं।
स्विफ्ट में ऑटोमैटिक गियरबॉक्स की सुविधा मिलने से बार-बार क्लच दबाने और गियर बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। खासतौर पर ऑफिस आने-जाने के दौरान भारी ट्रैफिक में यह सुविधा ड्राइविंग को काफी आसान बना सकती है।
मौजूदा बाजार लिस्टिंग के मुताबिक स्विफ्ट की एक्स-शोरूम कीमत करीब 5.79 लाख रुपये से शुरू होती है और इसके कुछ ऑटोमैटिक वेरिएंट भी 9 लाख रुपये के बजट में आते हैं। अलग-अलग शहरों में ऑन-रोड कीमत टैक्स, इंश्योरेंस और दूसरे शुल्क के कारण ज्यादा हो सकती है।
स्विफ्ट की एक और खासियत इसका कॉम्पैक्ट आकार है। शहर में तंग रास्तों पर इसे चलाना और पार्किंग करना अपेक्षाकृत आसान रहता है। यही वजह है कि पहली कार खरीदने वाले ग्राहक भी इसे अपनी लिस्ट में रख सकते हैं।
मारुति सुजुकी बलेनो
दूसरा बड़ा विकल्प **मारुति सुजुकी बलेनो** है। खास बात यह है कि सितंबर 2026 में नई बलेनो फेसलिफ्ट लॉन्च हुई है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत लगभग 6.10 लाख रुपये रखी गई है। अपडेटेड मॉडल में नया 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन दिया गया है और ऊंचे वेरिएंट में Level 2 ADAS तथा वेंटिलेटेड फ्रंट सीट जैसे फीचर्स भी जोड़े गए हैं।
बलेनो को प्रीमियम हैचबैक सेगमेंट में रखा जाता है। इसका केबिन स्विफ्ट जैसे छोटे हैचबैक मॉडल की तुलना में अधिक प्रीमियम अनुभव देने पर केंद्रित है। जिन ग्राहकों को शहर में इस्तेमाल के साथ परिवार के लिए पर्याप्त जगह और फीचर्स चाहिए, उनके लिए बलेनो एक विकल्प बन सकती है।
हालांकि यहां बजट को ध्यान से समझना जरूरी है। बलेनो की पूरी वेरिएंट रेंज 9 लाख रुपये से नीचे नहीं है। ऑटोमैटिक वेरिएंट चुनते समय एक्स-शोरूम और ऑन-रोड कीमत अलग-अलग जांचनी होगी। मौजूदा कार लिस्टिंग में बलेनो के ऑटोमैटिक विकल्प करीब 9 लाख रुपये के आसपास दिखाई देते हैं।
इसलिए यदि आपका बजट बिल्कुल 9 लाख रुपये की ऑन-रोड सीमा तक है तो डीलरशिप पर कीमत की पुष्टि करना जरूरी होगा।
हुंडई ग्रैंड i10 निओस
9 लाख रुपये तक ऑटोमैटिक कार तलाश रहे ग्राहकों के लिए **हुंडई ग्रैंड i10 निओस** भी एक प्रमुख विकल्प है। इसका कॉम्पैक्ट डिजाइन इसे मुख्य रूप से शहर की ड्राइविंग के लिए उपयोगी बनाता है।
ग्रैंड i10 निओस का AMT वेरिएंट उन लोगों को आकर्षित कर सकता है जिन्हें मैनुअल गियर बदलने की परेशानी से बचना है लेकिन बजट बहुत ज्यादा नहीं बढ़ाना चाहते। मौजूदा लिस्टिंग में इसकी ऑटोमैटिक कीमत करीब 8.60 लाख रुपये के आसपास से दिखाई गई है, हालांकि वास्तविक एक्स-शोरूम और ऑन-रोड कीमत स्थान और वेरिएंट के आधार पर अलग हो सकती है।
ग्रैंड i10 निओस की सबसे बड़ी ताकत इसका शहरी उपयोग है। रोजाना ऑफिस, बाजार या छोटे पारिवारिक सफर के लिए कॉम्पैक्ट हैचबैक सुविधाजनक साबित हो सकती है। छोटे आकार के कारण भीड़भाड़ वाली जगह पर इसे संभालना भी अपेक्षाकृत आसान रहता है।
इस सेगमेंट में इसकी सीधी तुलना स्विफ्ट और टियागो जैसे मॉडलों से होती है। ऐसे में खरीदने से पहले तीनों कारों की टेस्ट ड्राइव करना बेहतर रहेगा।
टाटा टियागो
चौथा विकल्प **टाटा टियागो** है। टियागो भी लंबे समय से बजट हैचबैक सेगमेंट में मौजूद है और इसके ऑटोमैटिक वेरिएंट कम बजट में ऑटोमैटिक कार खरीदने वालों के लिए विकल्प प्रदान करते हैं।
मौजूदा लिस्टिंग में टाटा टियागो की कीमत लगभग 5.50 लाख रुपये से शुरू दिखाई देती है, जबकि ऑटोमैटिक विकल्प भी 9 लाख रुपये के बजट के भीतर उपलब्ध हैं। एक अन्य मौजूदा लिस्टिंग में टियागो की मॉडल रेंज करीब 4.70 लाख से 8.55 लाख रुपये के बीच बताई गई है। कीमतों में अंतर स्रोत, वेरिएंट और अपडेट के कारण हो सकता है, इसलिए खरीदारी से पहले आधिकारिक डीलर से ताजा कीमत लेना जरूरी है।
टियागो उन खरीदारों के लिए खास तौर पर विचार करने योग्य हो सकती है जो कम कीमत में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ रोजमर्रा के उपयोग की कार चाहते हैं।
AMT कार खरीदने से पहले समझें इसकी खासियत
9 लाख रुपये के बजट में मिलने वाली ज्यादातर पेट्रोल ऑटोमैटिक हैचबैक में AMT तकनीक देखने को मिलती है। AMT पारंपरिक टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक या CVT से अलग तकनीक है। इसमें मूल रूप से मैनुअल गियरबॉक्स के क्लच और गियर शिफ्ट को इलेक्ट्रॉनिक तथा मैकेनिकल सिस्टम अपने आप नियंत्रित करता है।
इसका सबसे बड़ा फायदा लागत है। कार कंपनियां अपेक्षाकृत कम कीमत में ऑटोमैटिक जैसी सुविधा उपलब्ध करा पाती हैं। शहर के ट्रैफिक में क्लच ऑपरेट नहीं करना पड़ना इसका बड़ा लाभ है।
हालांकि AMT में गियर बदलते समय कभी-कभी हल्का झटका या पॉज महसूस हो सकता है। इसलिए सिर्फ स्पेसिफिकेशन देखकर कार चुनने के बजाय टेस्ट ड्राइव करना जरूरी है।
एक्स-शोरूम और ऑन-रोड कीमत में समझें अंतर
अगर आपका बजट 9 लाख रुपये है तो यह भी तय कर लें कि यह **एक्स-शोरूम बजट है या ऑन-रोड बजट**। एक्स-शोरूम कीमत में रजिस्ट्रेशन, रोड टैक्स, इंश्योरेंस और कई अन्य खर्च शामिल नहीं होते।
उदाहरण के तौर पर किसी कार की एक्स-शोरूम कीमत 8.50 लाख रुपये होने पर उसकी ऑन-रोड कीमत 9 लाख रुपये से ऊपर जा सकती है। अलग-अलग राज्यों और शहरों में रोड टैक्स तथा अन्य शुल्क अलग होने के कारण ऑन-रोड कीमत भी बदलती है।
किसके लिए कौन सी कार?
अगर प्राथमिकता कम बजट, आसान मेंटेनेंस और शहर में रोजाना इस्तेमाल है तो स्विफ्ट को देखा जा सकता है। ज्यादा प्रीमियम हैचबैक अनुभव चाहने वालों के लिए बलेनो आकर्षक विकल्प बन सकती है। हुंडई ग्रैंड i10 निओस कॉम्पैक्ट सिटी कार चाहने वालों के लिए विकल्प है, जबकि टाटा टियागो भी बजट AMT सेगमेंट में मजबूत दावेदार बनी हुई है।
नई बलेनो के आने के बाद इस बजट सेगमेंट में विकल्प और दिलचस्प हो गए हैं। हालांकि अंतिम फैसला केवल कीमत देखकर नहीं करना चाहिए। कार की टेस्ट ड्राइव, सर्विस नेटवर्क, सुरक्षा फीचर्स, वास्तविक जरूरत, इंश्योरेंस और कुल ऑन-रोड लागत की तुलना करने के बाद ही मॉडल चुनना बेहतर होगा।
कुल मिलाकर **9 लाख रुपये तक के एक्स-शोरूम बजट में ऑटोमैटिक कार खरीदना अब मुश्किल नहीं है।** मारुति सुजुकी स्विफ्ट, बलेनो, हुंडई ग्रैंड i10 निओस और टाटा टियागो जैसे विकल्प अलग-अलग जरूरतों वाले खरीदारों के लिए उपलब्ध हैं। बस खरीदने से पहले अपने शहर में संबंधित वेरिएंट की मौजूदा कीमत जरूर जांच लें, क्योंकि कीमत और ऑफर समय के साथ बदल सकते हैं।
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