Elon Musk का ChatGPT पर तीखा निशाना, बोले "बच्चों को इससे दूर रखें"

Update: 2026-03-13 14:18 GMT
Technology टेक्नोलॉजीआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर टेक इंडस्ट्री में बहस तेज होती जा रही है। इसी बीच Elon Musk ने OpenAI के चैटबॉट ChatGPT को लेकर कड़ी आलोचना की है। Musk का दावा है कि यह AI चैटबॉट पूरी तरह सुरक्षित नहीं है और इसे बच्चों तथा मानसिक रूप से कमजोर लोगों से दूर रखना चाहिए। Musk की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कनाडा में हुई एक स्कूल शूटिंग को लेकर ChatGPT की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
Elon Musk ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “ChatGPT को बच्चों और मानसिक रूप से कमजोर लोगों से दूर रखें।” उन्होंने यह कमेंट एक अन्य यूजर के पोस्ट को कोट करते हुए किया, जिसमें दावा किया गया था कि एक स्कूल मास शूटिंग की प्लानिंग ChatGPT के जरिए बनाई गई थी। इस बयान के बाद AI चैटबॉट की सुरक्षा और जिम्मेदारी को लेकर बहस फिर से तेज हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हाल ही में कनाडा के Tumbler Ridge शहर में एक हाई स्कूल में हुई गोलीबारी में छह लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। यह घटना पिछले कई दशकों में कनाडा की सबसे गंभीर स्कूल शूटिंग में से एक मानी जा रही है।
रिपोर्ट्स में बताया गया कि इस हमले को अंजाम देने वाली Jesse Van Rootselaar नाम की पूर्व छात्रा ने घटना से पहले कई दिनों तक ChatGPT के साथ बातचीत की थी। इन बातचीत में कथित तौर पर बंदूक से जुड़ी हिंसा के अलग अलग पहलुओं पर चर्चा की गई थी। इन चैट्स को कथित तौर पर OpenAI के ऑटोमेटेड सिस्टम ने फ्लैग भी किया था।
बताया जा रहा है कि OpenAI के कुछ कर्मचारियों के बीच इस बात पर चर्चा हुई थी कि क्या इन चैट लॉग्स को पुलिस के साथ साझा किया जाना चाहिए। हालांकि बाद में कंपनी ने यह फैसला लिया कि यह एक्टिविटी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को रिपोर्ट करने की शर्तों को पूरा नहीं करती।
WSJ के मुताबिक, OpenAI की एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ने संदिग्ध यूजर का ChatGPT अकाउंट बैन कर दिया था, लेकिन कंपनी के अनुसार उस समय उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस को सूचना देना जरूरी नहीं समझा गया।
इस मामले के बाद अब एक नया कानूनी विवाद भी सामने आया है, जिसमें इस घटना में घायल हुई एक लड़की की मां Maya Gebala ने OpenAI के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। यह मामला ब्रिटिश कोलंबिया की सुप्रीम कोर्ट में दर्ज किया गया है। दायर किए गए दावे में आरोप लगाया गया है कि हमले की संदिग्ध ने ChatGPT को एक तरह का सहयोगी और भरोसेमंद साथी मानकर उससे बातचीत की थी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि चैटबॉट ने कथित तौर पर उसे हमले की योजना बनाने से जुड़ी जानकारी और मार्गदर्शन दिया।
 इस पूरे मामले ने AI चैटबॉट्स की सुरक्षा, जिम्मेदारी और उनके उपयोग को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। खास तौर पर यह सवाल उठ रहा है कि ऐसे प्लेटफॉर्म्स को संभावित खतरनाक गतिविधियों की पहचान होने पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों को किस हद तक जानकारी साझा करनी चाहिए।
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