सेंट लुई (अमेरिका) :  भारतीय शतरंज के युवा स्टार आर. प्रग्नानंदा ने एक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि अपने नाम कर ली है। प्रग्नानंदा ने सेंट लुई रैपिड एवं ब्लिट्ज टूर्नामेंट 2026 का खिताब जीत लिया। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट में शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और एक राउंड बाकी रहते चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

यह प्रग्नानंदा का सेंट लुई रैपिड एवं ब्लिट्ज में पहला खिताब है। इस जीत के साथ वह ग्रैंड चेस टूर की अंक तालिका में दूसरे स्थान पर भी पहुंच गए हैं।
रैपिड चरण में भी शानदार प्रदर्शन
प्रग्नानंदा ने प्रतियोगिता के रैपिड चरण में दमदार शुरुआत की। उन्होंने 18 में से 12 अंक हासिल कर रैपिड सेक्शन में पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद ब्लिट्ज में भी उन्होंने अपनी लय बरकरार रखी और कुल स्कोर के आधार पर खिताब पर कब्जा जमाया।
तेज समय नियंत्रण वाले मुकाबलों में खिलाड़ियों को बेहद कम समय में सटीक फैसले लेने पड़ते हैं। ऐसे में प्रग्नानंदा की निरंतरता और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता उनकी इस सफलता की बड़ी वजह रही।
सिंदारोव को छोड़ा पीछे
उज्बेकिस्तान के ग्रैंडमास्टर जावोखिर सिंदारोव ने दूसरा स्थान हासिल किया। प्रग्नानंदा ने उन्हें 1.5 अंक के अंतर से पीछे छोड़ा।
टूर्नामेंट में प्रग्नानंदा की बढ़त इतनी मजबूत रही कि उन्हें अंतिम दौर तक खिताब के लिए इंतजार नहीं करना पड़ा। सिंदारोव के खिलाफ अहम मुकाबले के बाद ही उन्होंने चैंपियनशिप सुनिश्चित कर ली।
23.5 अंक के साथ चैंपियन
प्रग्नानंदा ने टूर्नामेंट का समापन 36 में से 23.5 अंकों के साथ किया। यह प्रदर्शन उनके करियर के सबसे प्रभावशाली रैपिड और ब्लिट्ज प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है।
खिताब जीतने के साथ उन्हें 50,000 डॉलर की पुरस्कार राशि भी मिली।
ग्रैंड चेस टूर में बढ़ी दावेदारी
सेंट लुई में मिली इस सफलता से प्रग्नानंदा की ग्रैंड चेस टूर 2026 में स्थिति और मजबूत हुई है। वह अब टूर की अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच चुके हैं।
आगे उनके सामने सिनकफील्ड कप जैसी बड़ी चुनौती होगी, जहां दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ उनका प्रदर्शन एक बार फिर सुर्खियों में रहेगा।
भारतीय शतरंज के लिए बड़ी उपलब्धि
प्रग्नानंदा की यह जीत भारतीय शतरंज के बढ़ते दबदबे का एक और उदाहरण है। विश्व स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी के बीच प्रग्नानंदा लगातार बड़े टूर्नामेंटों में अपनी पहचान बना रहे हैं।
सेंट लुई में मिली यह जीत उनके लिए सिर्फ एक और ट्रॉफी नहीं, बल्कि विश्व स्तरीय तेज शतरंज में उनकी बढ़ती ताकत का प्रमाण भी है।
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