अबू धाबी। अबू धाबी T10 के 2026 सीजन में एक और नई फ्रेंचाइजी की एंट्री हो गई है। ‘Arabian Aces’ नाम की यह टीम इस साल टूर्नामेंट में अपना डेब्यू करेगी। नई फ्रेंचाइजी ने शुरुआत में ही बड़े अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़कर मजबूत टीम बनाने के इरादे जाहिर कर दिए हैं। इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर और विश्व कप विजेता मोईन अली को टीम का आइकन खिलाड़ी और कप्तान बनाया गया है, जबकि वेस्टइंडीज के विस्फोटक ऑलराउंडर आंद्रे रसेल और इंग्लैंड के लियाम लिविंगस्टोन भी टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल होंगे।अबू धाबी T10 की ओर से जारी जानकारी के अनुसार Arabian Aces का स्वामित्व ब्रिटिश एंटरप्रेन्योर पंकज जैन और ग्लोबल एंटरप्रेन्योर एवं इनवेस्टर नीरज जैन के नेतृत्व वाले समूह के पास है। टीम 2026 सीजन के साथ पहली बार प्रतियोगिता में कदम रखेगी।
टूर्नामेंट का आगामी संस्करण 7 से 20 नवंबर तक अबू धाबी के जायद क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। बेहद छोटे और तेज प्रारूप वाले इस टूर्नामेंट में दुनिया के अलग-अलग देशों के अंतरराष्ट्रीय और फ्रेंचाइजी क्रिकेट के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।Arabian Aces ने अपने पहले ही सीजन के लिए मोईन अली को टीम की कमान देकर अनुभव को प्राथमिकता दी है। मोईन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ दुनिया की विभिन्न फ्रेंचाइजी लीग में खेलने का लंबा अनुभव रखते हैं। बल्लेबाजी में तेजी से रन बनाने के साथ उनकी ऑफ स्पिन गेंदबाजी टीम को अतिरिक्त विकल्प देती है।
मोईन अली ने इंग्लैंड के लिए तीनों प्रारूपों में क्रिकेट खेला है। वह 2019 में वनडे विश्व कप और 2022 में टी20 विश्व कप जीतने वाली इंग्लैंड टीम का हिस्सा भी रहे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी वह फ्रेंचाइजी क्रिकेट में सक्रिय रहे हैं। अब Arabian Aces ने उन्हें अपने पहले सीजन में टीम का प्रमुख चेहरा बनाया है।मोईन के साथ वेस्टइंडीज के आंद्रे रसेल की मौजूदगी Arabian Aces के पावर-हिटिंग विभाग को मजबूती देगी। रसेल दुनिया भर की टी20 और दूसरी शॉर्ट-फॉर्मेट प्रतियोगिताओं में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाने की उनकी क्षमता T10 जैसे प्रारूप में विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है।
रसेल बल्लेबाजी के साथ तेज गेंदबाजी का विकल्प भी देते हैं। छोटे प्रारूप में उनकी ऑलराउंड क्षमता के कारण वह लंबे समय से फ्रेंचाइजी क्रिकेट के चर्चित खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। Arabian Aces को उनसे बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में योगदान की उम्मीद होगी।इंग्लैंड के लियाम लिविंगस्टोन टीम के तीसरे बड़े नाम हैं। लिविंगस्टोन अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और बड़े शॉट लगाने की क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं। वह बल्लेबाजी के साथ स्पिन गेंदबाजी भी कर सकते हैं। इस तरह मोईन, रसेल और लिविंगस्टोन की मौजूदगी Arabian Aces को तीन ऐसे खिलाड़ी देती है जो एक से अधिक भूमिकाएं निभा सकते हैं।
टीम ने खिलाड़ियों के साथ कोचिंग विभाग में भी अनुभवी नाम चुना है। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व अंतरराष्ट्रीय ऑलराउंडर लांस क्लूजनर को Arabian Aces का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। अपने खेल के दिनों में क्लूजनर आक्रामक बल्लेबाजी और तेज-मध्यम गति की गेंदबाजी के लिए प्रसिद्ध थे।क्रिकेट से संन्यास के बाद क्लूजनर ने कोचिंग में भी लंबा अनुभव हासिल किया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ विभिन्न फ्रेंचाइजी प्रतियोगिताओं में भी कोचिंग से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाली हैं। T10 जैसे तेज प्रारूप में रणनीतिक फैसले बेहद कम समय में लेने होते हैं, ऐसे में फ्रेंचाइजी उनके अनुभव का फायदा उठाना चाहेगी।
Arabian Aces का आगमन ऐसे समय में हुआ है जब Abu Dhabi T10 भी नए दौर में प्रवेश कर रहा है। टूर्नामेंट अब Abu Dhabi Cricket & Sports Hub यानी ADCSH के स्वामित्व में आगे बढ़ रहा है। नए मालिकाना ढांचे के साथ 2026 संस्करण में फ्रेंचाइजी लाइन-अप में बदलाव और नए नाम देखने को मिल रहे हैं।Arabian Aces से पहले UAE Bulls और Royal Desert Champions की भागीदारी की भी पुष्टि की जा चुकी है। आने वाले दिनों में टूर्नामेंट से जुड़ी और फ्रेंचाइजी तथा खिलाड़ियों की घोषणाएं होने की संभावना है।
सभी की नजर अब 30 सितंबर को अबू धाबी में होने वाले आधिकारिक प्लेयर ड्राफ्ट पर रहेगी। ड्राफ्ट के दौरान फ्रेंचाइजी अपने बाकी खिलाड़ियों का चयन करेंगी और इसके बाद टीमों की पूरी तस्वीर साफ होगी। Arabian Aces ने ड्राफ्ट से पहले ही मोईन अली, आंद्रे रसेल और लियाम लिविंगस्टोन जैसे नामों को जोड़कर अपना मजबूत कोर तैयार कर लिया है।T10 क्रिकेट में प्रत्येक टीम को केवल 10 ओवर की पारी मिलती है। इस कारण शुरुआत से ही बल्लेबाजों पर तेजी से रन बनाने का दबाव रहता है, जबकि गेंदबाजों के पास गलती सुधारने के लिए बहुत कम समय होता है। यही वजह है कि इस प्रारूप में पावर-हिटर्स और ऑलराउंड खिलाड़ियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
इस नजरिए से Arabian Aces की शुरुआती टीम संरचना खास दिखाई देती है। मोईन अली, आंद्रे रसेल और लियाम लिविंगस्टोन तीनों तेजी से रन बनाने के साथ गेंदबाजी का विकल्प भी उपलब्ध करा सकते हैं। क्लूजनर की कोचिंग में फ्रेंचाइजी अब प्लेयर ड्राफ्ट के जरिए टीम के बाकी हिस्सों को मजबूत करने की कोशिश करेगी।फ्रेंचाइजी के मालिकाना समूह की ओर से भी टीम को दीर्घकालिक पहचान देने पर जोर दिया गया है। नई टीम के लिए पहला सीजन मैदान पर प्रदर्शन के साथ अपना प्रशंसक आधार तैयार करने और टूर्नामेंट में अलग पहचान बनाने का अवसर होगा।
अबू धाबी का जायद क्रिकेट स्टेडियम एक बार फिर पूरे टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। 7 नवंबर से शुरू होने वाले मुकाबले 20 नवंबर तक चलेंगे। टूर्नामेंट में कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के उतरने की संभावना है और 30 सितंबर के प्लेयर ड्राफ्ट के बाद बाकी बड़े नामों से पर्दा उठेगा।फिलहाल Arabian Aces ने अपने पहले सीजन के लिए अनुभवी कप्तान, दो विस्फोटक अंतरराष्ट्रीय ऑलराउंडर और अनुभवी मुख्य कोच को जोड़कर मजबूत शुरुआत की है। मोईन अली की कप्तानी, आंद्रे रसेल और लियाम लिविंगस्टोन की पावर-हिटिंग तथा लांस क्लूजनर के कोचिंग अनुभव के साथ नई फ्रेंचाइजी नवंबर में होने वाले Abu Dhabi T10 में पहली बार मैदान पर नजर आएगी।