नागोया। भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मानुष शाह और दिया चितले की जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है। शुक्रवार को नागोया सिटी मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी को चीन के दो बार के मौजूदा चैंपियन सुन यिंगशा और वांग चुकिन के खिलाफ 0-4 से हार का सामना करना पड़ा। सेमीफाइनल में हार के बावजूद मानुष और दिया ने प्रतियोगिता में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर कांस्य पदक हासिल किया।

सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी के सामने बेहद मजबूत चीनी जोड़ी की चुनौती थी। सुन यिंगशा और वांग चुकिन ने मुकाबले की शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों पर दबाव बनाए रखा। मानुष और दिया ने वापसी की कोशिश की, लेकिन चीनी खिलाड़ियों ने उन्हें मैच में बढ़त हासिल करने का मौका नहीं दिया और लगातार चार गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

मानुष शाह और दिया चितले को सेमीफाइनल में 0-4 से शिकस्त मिली। भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह मुकाबला मुश्किल रहा क्योंकि सामने ऐसी जोड़ी थी, जो लगातार बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में अपनी क्षमता साबित करती रही है। भारतीय जोड़ी पिछले मुकाबलों की लय को सेमीफाइनल में बरकरार नहीं रख सकी।

हालांकि सेमीफाइनल की हार से पहले मानुष और दिया ने क्वार्टर फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया था। भारतीय जोड़ी ने चार बार के वर्ल्ड मेडलिस्ट और वर्ल्ड नंबर-4 वोंग चुन और डू हो की जोड़ी को 3-1 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इस जीत के साथ ही उन्होंने सेमीफाइनल में जगह बनाई और अपना पदक सुनिश्चित कर लिया था।

क्वार्टर फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया। मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मानुष और दिया ने आक्रामक खेल के साथ बेहतर तालमेल दिखाया। दोनों खिलाड़ियों ने अहम मौकों पर अंक हासिल किए और मुकाबले को 3-1 से जीतकर अंतिम चार में प्रवेश किया।

इस जीत की अहमियत इसलिए भी अधिक रही क्योंकि सामने विश्व स्तर पर कई पदक जीत चुकी और ऊंची रैंकिंग वाली जोड़ी थी। इसके बावजूद मानुष और दिया दबाव में नहीं आए। दोनों ने अपनी रणनीति पर कायम रहते हुए मुकाबले में प्रतिद्वंद्वी को लगातार चुनौती दी और सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया।

सेमीफाइनल में परिस्थितियां भारतीय जोड़ी के पक्ष में नहीं रहीं। चीन के सुन यिंगशा और वांग चुकिन ने अपने अनुभव और मजबूत खेल का इस्तेमाल करते हुए भारतीय जोड़ी को लगातार दबाव में रखा। मानुष और दिया ने कुछ मौकों पर मुकाबले में वापसी की कोशिश की, लेकिन चीनी जोड़ी ने उन्हें बढ़त बनाने का अवसर नहीं दिया।

मिक्स्ड डबल्स टेबल टेनिस में खिलाड़ियों के बीच तालमेल काफी महत्वपूर्ण होता है। मानुष और दिया ने प्रतियोगिता के दौरान कई मुकाबलों में बेहतर समन्वय दिखाया। क्वार्टर फाइनल में मजबूत प्रतिद्वंद्वी को हराना उनके अभियान की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक रहा।

सेमीफाइनल तक पहुंचने के साथ ही भारतीय जोड़ी ने ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित कर लिया था। स्वर्ण पदक की दौड़ से बाहर होने के बावजूद दोनों खिलाड़ी पदक के साथ अपना अभियान समाप्त करने में सफल रहे। भारत के लिए यह उपलब्धि टेबल टेनिस में महत्वपूर्ण रही।

मानुष शाह भारतीय टेबल टेनिस के उभरते खिलाड़ियों में शामिल हैं और विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपना प्रदर्शन दिखा चुके हैं। वहीं दिया चितले ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय टेबल टेनिस का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी पहचान बनाई है। दोनों की जोड़ी ने इस प्रतियोगिता में मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ चुनौती पेश की।

क्वार्टर फाइनल की जीत ने भारतीय जोड़ी के अभियान को खास बनाया। वोंग चुन और डू हो जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को 3-1 से हराना आसान चुनौती नहीं थी। भारतीय जोड़ी ने इस मुकाबले में आत्मविश्वास और संयम का परिचय दिया। इसी जीत ने उन्हें प्रतियोगिता के पदक दौर तक पहुंचाया।

दूसरी ओर, सेमीफाइनल में सुन यिंगशा और वांग चुकिन ने दिखाया कि वे क्यों इस स्पर्धा की सबसे मजबूत जोड़ियों में शामिल हैं। दोनों ने भारतीय खिलाड़ियों के खिलाफ शुरुआत से नियंत्रण बनाए रखा और 4-0 से जीत हासिल कर फाइनल में जगह बनाई।

भारतीय जोड़ी के लिए सेमीफाइनल का परिणाम निराशाजनक जरूर रहा, लेकिन पूरे अभियान को देखा जाए तो मानुष और दिया ने कई सकारात्मक प्रदर्शन किए। विशेष रूप से क्वार्टर फाइनल में विश्व स्तर की मजबूत जोड़ी को हराकर उन्होंने अपनी क्षमता दिखाई।

मिक्स्ड डबल्स में मिला ब्रॉन्ज मेडल भारतीय टेबल टेनिस के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ी लगातार मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती दे रहे हैं और मानुष-दिया की जोड़ी का प्रदर्शन भी इसी दिशा में एक कदम है।

मानुष शाह और दिया चितले स्वर्ण पदक की दौड़ में आगे नहीं बढ़ सके, लेकिन ब्रॉन्ज मेडल के साथ उन्होंने अपने अभियान का समापन किया। क्वार्टर फाइनल में 3-1 की शानदार जीत और फिर दुनिया की मजबूत चीनी जोड़ी के खिलाफ सेमीफाइनल तक पहुंचना भारतीय जोड़ी के लिए इस प्रतियोगिता की प्रमुख उपलब्धि रही।

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