बेंगलुरु। भारत की अंडर-15 फुटबॉल टीम अगले महीने अज़रबैजान में होने वाले पहले FIFA U-15 वर्ल्ड कप और फेस्टिवल की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। इसी तैयारी के तहत भारतीय टीम सितंबर के आखिर में बेंगलुरु में ईरान के खिलाफ तीन अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडली मुकाबले खेलेगी। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार दोनों टीमों के बीच 28, 29 और 30 सितंबर को लगातार तीन मैच खेले जाएंगे।

ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल सत्यनारायण एम ने बताया कि ईरान के खिलाफ इन मुकाबलों के आयोजन से जुड़ी कुछ औपचारिकताएं अभी पूरी की जानी बाकी हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच इन तीन मैत्री मुकाबलों का कार्यक्रम तय किया गया है और तैयारियां आगे बढ़ रही हैं।

वर्ल्ड कप से पहले अहम तैयारी

अज़रबैजान में होने वाला FIFA U-15 वर्ल्ड कप और फेस्टिवल भारतीय युवा फुटबॉल के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। इस वैश्विक स्तर के आयोजन में खेलने से भारतीय खिलाड़ियों को कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलेगा।

भारत की अंडर-15 टीम के लिए ईरान के खिलाफ तीन मुकाबले इसलिए भी महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि वर्ल्ड कप से पहले खिलाड़ियों को मजबूत विपक्ष के खिलाफ लगातार खेलने का मौका मिलेगा। कोचिंग स्टाफ इन मुकाबलों के जरिए खिलाड़ियों की तकनीकी क्षमता, फिटनेस, सामरिक समझ और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता का आकलन कर सकेगा।

तीन दिन लगातार मैच खेलने से टीम के खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता की भी परीक्षा होगी। इससे कोचिंग स्टाफ को यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन से खिलाड़ी लगातार मुकाबलों के दबाव को संभाल सकते हैं और टूर्नामेंट जैसे माहौल में टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

ईरान के खिलाफ बड़ी चुनौती

ईरान की टीम को एशियाई फुटबॉल में मजबूत प्रतिद्वंद्वी माना जाता है। ऐसे में भारत के युवा खिलाड़ियों के सामने इन मुकाबलों में कठिन चुनौती होगी। हालांकि फ्रेंडली मैचों का मुख्य उद्देश्य परिणाम से ज्यादा टीम को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए तैयार करना होगा।

भारतीय टीम को इन मैचों में अपने डिफेंस, मिडफील्ड और आक्रमण के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के खिलाफ अपनी गति और तकनीक का इस्तेमाल करने का अनुभव भी हासिल होगा।

तीनों मुकाबलों में कोचिंग स्टाफ अलग-अलग संयोजन आजमा सकता है। इससे टीम के खिलाड़ियों की वास्तविक क्षमता का आकलन करने और वर्ल्ड कप के लिए अंतिम टीम संयोजन तैयार करने में मदद मिल सकती है।

28, 29 और 30 सितंबर को मुकाबले

AIFF के अनुसार प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत भारत और ईरान के बीच 28, 29 और 30 सितंबर को लगातार तीन फ्रेंडली मैच होंगे। हालांकि इन मुकाबलों को लेकर कुछ औपचारिकताएं अभी पूरी होनी बाकी हैं।

AIFF के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल सत्यनारायण एम ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि संबंधित प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मुकाबलों के आयोजन से जुड़ी अन्य जानकारी भी स्पष्ट हो सकती है।

तीन मुकाबलों का लगातार आयोजन टीम के लिए एक तरह के मिनी कैंप की तरह भी काम करेगा। खिलाड़ियों को एक ही प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ लगातार मैच खेलने से अपनी रणनीति में सुधार करने और मैच के दौरान गलतियों को पहचानने का अवसर मिलेगा।

बेंगलुरु में तैयारी का फायदा

भारत के लिए बेंगलुरु में इन मुकाबलों का आयोजन कई मायनों में उपयोगी होगा। टीम को घरेलू परिस्थितियों में तैयारी करने का अवसर मिलेगा और कोचिंग स्टाफ खिलाड़ियों पर करीबी नजर रख सकेगा।

युवा खिलाड़ियों के लिए अपने देश में अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलना आत्मविश्वास बढ़ाने वाला अनुभव भी हो सकता है। इसके साथ ही लगातार तीन मैचों के दौरान टीम के भीतर प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।

वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले टीम के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का पर्याप्त अनुभव दिलाना भारतीय फुटबॉल के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ईरान के खिलाफ होने वाले मुकाबले इस दिशा में टीम को मजबूत आधार दे सकते हैं।

अज़रबैजान में होगी अगली बड़ी परीक्षा

सितंबर के अंत में ईरान के खिलाफ तीन मैच खेलने के बाद भारतीय U-15 टीम का मुख्य लक्ष्य अज़रबैजान में होने वाले FIFA U-15 वर्ल्ड कप और फेस्टिवल पर रहेगा। वैश्विक मंच पर खेलने का यह अवसर युवा भारतीय फुटबॉलरों को अपनी प्रतिभा दिखाने का महत्वपूर्ण मौका देगा।

वर्ल्ड कप से पहले टीम के लिए तैयारी का हर मुकाबला महत्वपूर्ण होगा। ईरान जैसी मजबूत टीम के खिलाफ तीन मैच खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल की गति और शारीरिक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप ढलने में मदद कर सकते हैं।

कोचिंग स्टाफ के लिए भी ये मुकाबले रणनीति को अंतिम रूप देने का अवसर होंगे। टीम में किन खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाए, किस फॉर्मेशन में खेला जाए और अलग-अलग परिस्थितियों में किस तरह प्रतिक्रिया दी जाए, इसका परीक्षण इन मैचों के दौरान किया जा सकता है।

भारत की युवा फुटबॉल टीम के लिए आने वाले सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। सितंबर के आखिरी तीन दिनों में ईरान के खिलाफ मुकाबले और उसके बाद अज़रबैजान में होने वाला FIFA U-15 वर्ल्ड कप और फेस्टिवल खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का बड़ा मंच होगा।

फिलहाल AIFF की ओर से मुकाबलों से जुड़ी कुछ औपचारिकताएं पूरी की जानी बाकी हैं, लेकिन प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक 28, 29 और 30 सितंबर को बेंगलुरु में भारत और ईरान की U-15 टीमें आमने-सामने होंगी। इन मुकाबलों से भारतीय टीम को आगामी वैश्विक प्रतियोगिता के लिए अपनी तैयारियों को परखने और कमजोरियों को दूर करने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा।

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