स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय क्रिकेट टीम के न्यूजीलैंड दौरे से पहले इंडिया-A को अहम रेड बॉल तैयारी का मौका मिलेगा। इंडिया-A न्यूजीलैंड-A के खिलाफ तीन चार-दिवसीय मुकाबले खेलेगी। इस सीरीज की शुरुआत 24 अक्टूबर 2026 से होगी और तीनों मुकाबले क्राइस्टचर्च क्षेत्र में खेले जाएंगे। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अपने घरेलू रेड बॉल कार्यक्रम के साथ इन मुकाबलों की पुष्टि की है।

इंडिया-A का यह दौरा खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सीनियर भारतीय टीम को नवंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेलने हैं। न्यूजीलैंड की तेज और उछाल वाली परिस्थितियों में भारतीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों को पहले से अभ्यास दिलाने के लिए A टीम की सीरीज महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। टेस्ट टीम में जगह बनाने की दौड़ में शामिल खिलाड़ियों को भी इस सीरीज में अपनी दावेदारी मजबूत करने का मौका मिलेगा।
24 अक्टूबर से पहला मुकाबला
इंडिया-A और न्यूजीलैंड-A के बीच पहला चार-दिवसीय मैच 24 से 27 अक्टूबर तक बर्ट सटक्लिफ ओवल, लिंकन में खेला जाएगा। दूसरा मुकाबला 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक हेगले ओवल, क्राइस्टचर्च में होगा। इसके बाद तीसरा और अंतिम चार-दिवसीय मैच 7 से 10 नवंबर तक फिर बर्ट सटक्लिफ ओवल में खेला जाएगा।
हेगले ओवल पर होने वाला दूसरा मुकाबला भारतीय खिलाड़ियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है। सीनियर भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा टेस्ट भी इसी मैदान पर 27 नवंबर से 1 दिसंबर तक खेला जाना है। ऐसे में संभावित टेस्ट खिलाड़ियों को यहां की परिस्थितियों को समझने का मौका मिल सकता है।
सीनियर टीम का दौरा 22 अक्टूबर से
सीनियर भारतीय टीम का न्यूजीलैंड दौरा इंडिया-A से दो दिन पहले 22 अक्टूबर को शुरू होगा। हालांकि शुरुआत व्हाइट बॉल क्रिकेट से होगी। दोनों देशों के बीच पहले पांच टी20 मुकाबले खेले जाएंगे। इसके बाद 4 नवंबर से पांच मैचों की वनडे सीरीज शुरू होगी।
टेस्ट सीरीज की शुरुआत 19 नवंबर से वेलिंगटन के बेसिन रिजर्व में होगी। दूसरा टेस्ट 27 नवंबर से क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेला जाएगा। इस तरह इंडिया-A की चार-दिवसीय सीरीज सीनियर टीम की टेस्ट सीरीज से पहले समाप्त हो जाएगी।
टेस्ट टीम के दावेदारों पर रहेगी नजर
इंडिया-A की इस सीरीज को भारतीय टेस्ट टीम की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। न्यूजीलैंड में स्विंग और सीम गेंदबाजी का सामना करना बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण रहता है। वहीं तेज गेंदबाजों को वहां की परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए अपनी लाइन और लेंथ में बदलाव करना पड़ता है।
इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए सीनियर टीम के दरवाजे भी खुल सकते हैं। भारतीय टीम प्रबंधन के सामने व्यस्त कार्यक्रम के कारण खिलाड़ियों की उपलब्धता भी एक चुनौती है। सीनियर टीम का व्हाइट बॉल कार्यक्रम इंडिया-A के मुकाबलों के साथ चलेगा।
न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में इंडिया-A के ये तीन मुकाबले सिर्फ एक सामान्य दौरा नहीं बल्कि भारतीय रेड बॉल टीम के लिए तैयारी और संभावित खिलाड़ियों को परखने का महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकते हैं।
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