एशियाई खेलों में सिल्वर जीतने वाले अभय सिंह को 50 लाख का इनाम देगी तमिलनाडु सरकार
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले स्क्वैश खिलाड़ी अभय सिंह के लिए 50 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। अभय सिंह ने जापान में आयोजित 20वें एशियाई खेलों में पुरुषों के सिंगल्स इवेंट में सिल्वर मेडल जीतकर देश और राज्य का नाम रोशन किया है।
मुख्यमंत्री विजय ने रविवार को अभय सिंह को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि उनके प्रदर्शन से तमिलनाडु और भारत का गौरव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ी की इस उपलब्धि का सम्मान करते हुए उन्हें 50 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान करेगी।
सीएम विजय ने कहा कि अभय सिंह की सफलता राज्य के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस उपलब्धि से तमिलनाडु के अन्य खिलाड़ी, विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की इच्छा रखने वाली महिला खिलाड़ी भी प्रेरित होंगी।
मुख्यमंत्री ने अभय सिंह को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह आगे भी राज्य और देश के लिए कई और उपलब्धियां हासिल करें। उन्होंने खिलाड़ी के समर्पण और मेहनत की सराहना की।
अभय सिंह ने एशियाई खेलों में पुरुषों के सिंगल्स स्क्वैश मुकाबले में सिल्वर मेडल जीतकर अपने करियर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह एशियाई खेलों में उनके नाम जुड़ा पहला व्यक्तिगत सिंगल्स मेडल है।
चेन्नई के रहने वाले अभय सिंह इससे पहले भी एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। हांगझोऊ एशियाई खेलों में वह भारतीय पुरुष स्क्वैश टीम का हिस्सा थे, जिसने गोल्ड मेडल जीता था।
हांगझोऊ खेलों में पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल मुकाबले में अभय सिंह ने निर्णायक मैच खेला था। उन्होंने नूर जमान को हराकर भारतीय टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। इस जीत के साथ भारत ने पुरुष टीम स्क्वैश प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
इसके अलावा अभय सिंह ने हांगझोऊ एशियाई खेलों में अनाहत सिंह के साथ मिक्स्ड डबल्स प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल भी जीता था। इन उपलब्धियों के बाद वह भारतीय स्क्वैश के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हो गए।
अभय सिंह की लगातार बेहतर होती प्रदर्शन क्षमता ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। उन्होंने इस साल की शुरुआत में भी शानदार खेल दिखाया था। उन्होंने इंडियन ओपन में पुरुष वर्ग का खिताब जीता था।
इंडियन ओपन के फाइनल में अभय सिंह ने अपने साथी भारतीय खिलाड़ी वीर चोटरानी को सीधे गेम में हराकर खिताब अपने नाम किया था। इस जीत ने भारतीय स्क्वैश में उनकी स्थिति को और मजबूत किया।
एशियाई खेलों में मिला सिल्वर मेडल उनके करियर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। खास बात यह है कि इससे पहले उनके एशियाई खेलों के पदक टीम और मिक्स्ड डबल्स स्पर्धाओं से जुड़े थे, जबकि इस बार उन्होंने व्यक्तिगत सिंगल्स मुकाबले में पदक हासिल किया है।
स्क्वैश में व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक जीतना खिलाड़ी के व्यक्तिगत कौशल और निरंतर प्रदर्शन को दर्शाता है। अभय सिंह ने कठिन मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया।
मुख्यमंत्री विजय की ओर से घोषित 50 लाख रुपये का पुरस्कार खिलाड़ी के प्रदर्शन को सम्मान देने के साथ-साथ राज्य में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
तमिलनाडु सरकार इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करती रही है। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देकर उन्हें बड़े मंचों पर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है।
अभय सिंह की उपलब्धि से तमिलनाडु के खेल जगत में खुशी का माहौल है। चेन्नई के इस खिलाड़ी ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करती है। उन्होंने अभय सिंह की उपलब्धि को राज्य के लिए गौरव का क्षण बताया।
एशियाई खेलों में भारत के लिए स्क्वैश में प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। अभय सिंह जैसे खिलाड़ियों की उपलब्धियां इस खेल को देश में और लोकप्रिय बनाने में मदद कर रही हैं।
अभय सिंह ने अपने प्रदर्शन से साबित किया है कि भारतीय खिलाड़ी भी स्क्वैश जैसे खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत चुनौती पेश कर सकते हैं। उनके व्यक्तिगत सिंगल्स सिल्वर मेडल ने भारतीय स्क्वैश के इतिहास में एक और उपलब्धि जोड़ दी है।
मुख्यमंत्री विजय ने अभय सिंह को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वह आने वाले समय में भी देश और राज्य का नाम रोशन करते रहेंगे।
अभय सिंह की इस उपलब्धि के बाद तमिलनाडु सरकार की ओर से 50 लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा की गई है। इससे खिलाड़ी को सम्मान मिलने के साथ ही राज्य के अन्य खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।