PM मोदी ने बताया खेल प्रतिभाओं की खोज का मंत्र राजिंदर सिंह को किया याद
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देश में खेल प्रतिभाओं को खोजने और उन्हें आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में खेलों की प्रतिभाओं को तलाशने के लिए गांवों और कस्बों तक पहुंचना जरूरी है, ताकि देश के हर कोने में छिपी प्रतिभा को बेहतर अवसर मिल सके।प्रधानमंत्री ने इस दौरान स्वतंत्रता दिवस पर शुरू किए गए खेल टैलेंट हंट अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत के खेल प्रदर्शन को लगातार बेहतर बनाने के लिए जरूरी है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान जमीनी स्तर पर की जाए और उन्हें सही प्रशिक्षण व सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि देश में कई ऐसे लोग हैं, जिन्होंने खेल प्रतिभाओं को खोजने और उन्हें निखारने का काम अपना जुनून बना लिया है। उन्होंने ऐसे लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनका योगदान देश के खेल भविष्य को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
प्रधानमंत्री ने पूर्व हॉकी खिलाड़ी राजिंदर सिंह के योगदान का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजिंदर सिंह ने न केवल एक खिलाड़ी के रूप में उपलब्धियां हासिल कीं, बल्कि कोच के तौर पर भी भारतीय हॉकी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।राजिंदर सिंह 1980 ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा रहे थे। इसके अलावा उन्होंने एशियाई खेलों में रजत पदक भी जीता था। अपने खेल करियर के दौरान उन्होंने भारतीय हॉकी में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पीएम मोदी ने बताया कि राजिंदर सिंह ने कोच के रूप में भी शानदार काम किया। उनकी कोचिंग में भारतीय टीम ने 2001 जूनियर पुरुष विश्व कप और 2003 एशिया कप जैसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों में सफलता हासिल की।राजिंदर सिंह का 1982 हॉकी विश्व कप में प्रदर्शन भी यादगार रहा था। उन्होंने उस टूर्नामेंट में 12 गोल किए थे और सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बने थे।प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलों में सफलता हासिल करने के लिए केवल बड़े शहरों तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है। देश के दूरदराज के क्षेत्रों में भी कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं, जिन्हें पहचान और प्रशिक्षण की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि गांवों और छोटे कस्बों में रहने वाले युवाओं में अपार क्षमता है। अगर उन्हें सही समय पर सही मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलें तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।पीएम मोदी ने खेलों में जमीनी स्तर पर काम करने वाले प्रशिक्षकों, संस्थाओं और लोगों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की मेहनत से ही नई खेल प्रतिभाएं सामने आती हैं।उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं है, बल्कि यह युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना भी विकसित करता है। इसलिए खेलों को बढ़ावा देना देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुरू किए गए टैलेंट हंट अभियान का उद्देश्य देशभर में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देना है। इस अभियान के जरिए विभिन्न खेलों में योग्य खिलाड़ियों की तलाश पर ध्यान दिया जा रहा है।भारत पिछले कुछ वर्षों में खेलों के क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। ओलंपिक, एशियाई खेल और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों में बढ़ोतरी हुई है।प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सफलता को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिभाओं की पहचान और उनका विकास बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि खेलों में भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने युवाओं से खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की और कहा कि देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में खेल प्रतिभाओं की खोज और उन्हें निखारने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांवों और कस्बों तक पहुंचकर नई प्रतिभाओं को सामने लाना जरूरी है। साथ ही उन्होंने पूर्व हॉकी खिलाड़ी राजिंदर सिंह के खेल और कोचिंग क्षेत्र में योगदान को भी याद किया।