हाल के वर्षों में जीवनशैली और खान-पान में गड़बड़ी के कारण तमाम तरह की गंभीर बीमारियों के मामले बढ़ते जा रहे हैं। आहार में हाई फैट डाइट, शराब और दवाओं के बढ़ते सेवन के कारण कम उम्र में ही लोग मोटापा, कोलेस्ट्रॉल और मधुमेह के शिकार हो रहे हैं। इसी तरह से लोगों में फैटी लिवर की समस्या का निदान भी किया जा रहा है। माना जाता रहा है कि लिवर की बीमारियां, उन लोगों में अधिक होती हैं जो शराब का सेवन करते हैं, हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक फैटी लिवर की समस्या में ऐसा होना आवश्यक नहीं है। फैटी लीवर दो प्रकार का होता है- एल्कोहलिक और नॉन एल्कोहलिक।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक लिवर में फैट जम जाने के कारण फैटी लिवर की समस्या होती है। नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज में थकान, पेट से संबंधित परेशानी, हथेलियों का लाल होना और पीलिया जैसी समस्या हो सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक यदि समस्य रहते फैटी लिवर के संकेतों की पहचान कर ली जाए तो इसका इलाज और रोग की गंभीरता को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि त्वचा में किस तरह के संकेतों के आधार पर फैटी लिवर डिजीज की समस्या का निदान किया जा सकता है?

फैटी लिवर के त्वचा पर लक्षण

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, पिछले कुछ वर्षों में मोटापा और मेटाबॉलिज्म संबंधी विकारों के बढ़ते मामलों के कारण लोगों में नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (एनएएफएलडी) की समस्या पहले की तुलना में अधिक सामान्य हो गया है। हालांकि त्वचा पर कुछ संकेतों के आधार पर इस रोग की पहचान की जा सकती है। वैसे तो प्रारंभिक अवस्था में यह लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, फाइब्रोसिस, लिवर कैंसर या सिरोसिस जैसी अधिक गंभीर स्थिति होने लगे तो यह लक्षण अधिक स्पष्ट होने लगते हैं। 

त्वचा में स्पाइडर वेन्स के संकेत

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक एनएएफएलडी की समस्या में त्वचा में स्पाइडर वेन्स जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। स्पाइडर वेन्स को स्पाइडर एंजियोमा सिरोसिस के रूप में भी जाना जाता है। लिवर में वसा के अणुओं के जमा होने के कारण रक्त परिसंचरण धीमा हो जाता है जिसके कारण इस तरह की समस्या हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप रक्तचाप में वृद्धि और त्वचा के नीचे रक्त के थक्के बनने जैसी समस्या हो सकती है। स्पाइडर वेन्स को फैटी लिवर रोग का गंभीर संकेत माना जाता है।

स्पाइडर वेन्स को माना जाता है गंभीर लक्षण

डॉक्टर बताते हैं कि स्पाइडर वेन्स में क्षतिग्रस्त और सूजी हुई नसों के कारण त्वचा का रंग नीला या लाल हो जाता है। आमतौर पर फैटी लिवर डिजीज या सिरोसिस की समस्या बढ़ने के चरण के दौरान ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं। वैसे तो स्पाइडर वेन्स, शरीर पर कहीं भी दिखाई दे सकती हैं हालांकि चेहरे, पीठ या कंधों पर इस तरह के लक्षण दिखाई देने की सबसे अधिक संभावना होती है। अधिक वजन वाले लोगों में स्पाइडर वेन्स की समस्या होना काफी सामान्य होता है।

फैटी लिवर से सुरक्षित कैसे रहें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक फैटी लिवर की बीमारी को जीवनशैली में बदलाव के साथ ठीक किया जा सकता है। स्वस्थ आहार और वजन घटाकर इस रोग के लक्षणों को कम किया जा सकता है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि शरीर के वजन को 10 फीसदी तक कम करने से लिवर फैट, सूजन जैसी समस्याओं को कम किया जा सकता है। एनएएफएलडी के उपचार में एरोबिक्स और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग व्यायामों को सबसे प्रभावी माना जाता है। 

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