ISRO ने सेमी-क्रायोजेनिक इंजन पावर हेड का फुल थ्रस्ट पर सफल परीक्षण किया
नेल्लोर: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शनिवार को तमिलनाडु के महेंद्रगिरि में स्थित ISRO प्रोपल्शन रिसर्च कॉम्प्लेक्स (IPRC) में सेमी-क्रायोजेनिक इंजन पावर हेड टेस्ट आर्टिकल (PHTA) का 200 टन के पूरे थ्रस्ट लेवल पर सफलतापूर्वक हॉट टेस्ट किया।
PHTA में थ्रस्ट चैंबर को छोड़कर इंजन के सभी सिस्टम शामिल होते हैं। यह इस सीरीज़ का नौवां हॉट टेस्ट था और पहली बार PHTA का टेस्ट 100 प्रतिशत, यानी 200 टन थ्रस्ट पर किया गया। इससे पहले 47 प्रतिशत (94 टन), 60 प्रतिशत (120 टन) और 88 प्रतिशत (175 टन) थ्रस्ट लेवल पर टेस्ट सफलतापूर्वक किए गए थे।
टेस्ट उम्मीद के मुताबिक हुआ और इंजन के सभी पैरामीटर भी उम्मीद के अनुसार रहे। टेस्ट 35 सेकंड तक चला, जिसमें पांच सेकंड के लिए 200 टन (100 प्रतिशत) थ्रस्ट पर इंजन पावर हेड का ऑपरेशन भी शामिल था।
इस टेस्ट में लो-प्रेशर स्टार्ट टैंक से मीडियम-प्रेशर रन टैंक में प्रोपेलेंट सप्लाई के स्विच-ओवर को भी वेरिफाई किया गया, जिससे बाद के हॉट टेस्ट में PHTA की लंबे समय तक टेस्टिंग संभव हो सकेगी।
2,000 kN-क्लास SE2000 इंजन से चलने वाले सेमी-क्रायोजेनिक प्रोपल्शन स्टेज (SC120) को LVM3 लॉन्च व्हीकल के मौजूदा L110 कोर स्टेज की जगह लेने के लिए विकसित किया जा रहा है। सेमी-क्रायोजेनिक स्टेज को अपग्रेडेड क्रायोजेनिक अपर स्टेज (C32) के साथ जोड़ने से LVM3 की पेलोड क्षमता बढ़ जाएगी।