Black Hole: साइंटिस्ट्स ने पता लगाया है कि ब्लैक होल के संपर्क में आना इंसान के शरीर के लिए बहुत खतरनाक और जानलेवा भी हो सकता है। वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी के फिजिसिस्ट प्रोफेसर रॉबर्ट शेरर ने हाल ही में इस विषय पर अपनी स्टडी के नतीजे शेयर किए। उन्होंने कहा कि यूनिवर्स के शुरुआती पलों में बने ब्लैक होल की ग्रेविटी इतनी ज़्यादा होती है कि यह इंसान के दिमाग और शरीर के सेल्स को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
शेरर के मुताबिक, ब्लैक होल का मास बहुत अलग-अलग हो सकता है। ये शुरुआती ब्लैक होल पेपरक्लिप जितने छोटे हो सकते हैं, जबकि कुछ सूरज के मास से हज़ारों गुना बड़े हो सकते हैं। अगर कोई इंसान इनमें से किसी ब्लैक होल के पास चला जाए, तो इसका असर बहुत खतरनाक होगा। प्रोफेसर रॉबर्ट शेरर के मुताबिक, जब कोई ब्लैक होल किसी चीज़ से टकराता है, तो उसकी एनर्जी शरीर के टिशू से होकर गुज़रती है। शेरर ने इसकी तुलना एक गोली से की, जो शरीर में एनर्जी छोड़ती है और गंभीर चोट या मौत का कारण बन सकती है।
इंसान का शरीर टुकड़े-टुकड़े हो सकता है।
ब्लैक होल से शरीर के एक हिस्से पर लगने वाला ग्रेविटेशनल फोर्स दूसरे हिस्से के मुकाबले ज़्यादा होता है, जिससे शरीर टूट जाता है। प्रोफेसर शेरर के मुताबिक, एक पुराना ब्लैक होल दिमाग में 10 से 100 न्यूटन का फोर्स पैदा कर सकता है, जो सेल्स को फाड़ने के लिए काफी है। हालांकि, प्रोफेसर शेरर ने यह भी कहा कि छोटे ब्लैक होल बहुत कम होते हैं और उनके पृथ्वी से टकराने की संभावना बहुत कम होती है। साइंटिस्ट्स का मानना है कि ये ब्लैक होल यूनिवर्स में डार्क मैटर का हिस्सा हो सकते हैं। आसान शब्दों में, अगर कोई इंसान ब्लैक होल के संपर्क में आता है, तो इसके नतीजे गंभीर और जानलेवा होंगे, जिसमें शरीर में खिंचाव, सेल्स का खत्म होना और समय का अजीब अंदाज़ा होना शामिल है।