Vrishchik Sankranti 2025: वृश्चिक संक्रांति की रात करें ये उपाय, घर में बढ़ेगा धन धान्य

Update: 2025-11-15 06:34 GMT
Vrishchik Sankranti 2025: ज्योतिष शास्त्र में भगवान सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है। इन्हें आत्मा का कारक माना जाता है। सूर्य एक महीने तक एक राशि में गोचर करते हैं। जब सूर्य अपनी राशि बदलकर दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो संक्रांति मनाई जाती है। इसी महीने सूर्य वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे और वृश्चिक संक्रांति मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में वृश्चिक संक्रांति का बहुत महत्व है।
वृश्चिक संक्रांति के दिन भगवान सूर्य की विधि-विधान से पूजा की जाती है। उन्हें जल अर्पित किया जाता है। इस दिन सूर्य की पूजा करने से करियर में सुख और सफलता मिलती है। वृश्चिक संक्रांति पर पूजा-अर्चना के साथ-साथ रात्रि में विशेष अनुष्ठान भी किए जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि इन अनुष्ठानों को करने से घर में सुख, समृद्धि और धन की वृद्धि होती है।
वृश्चिक संक्रांति 2025 कब है?
पंचांग के अनुसार, 16 नवंबर 2025 को सूर्य तुला राशि छोड़कर मंगल की राशि वृश्चिक में प्रवेश करेगा। सूर्य के राशि परिवर्तन के इस क्षण को वृश्चिक संक्रांति कहते हैं, इसलिए इस वर्ष वृश्चिक संक्रांति का पावन पर्व 16 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा।
वृश्चिक संक्रांति रात्रि के उपाय:
वृश्चिक संक्रांति की रात सूर्यास्त के बाद अपने घर के पूजा स्थल या तुलसी के पौधे के पास तिल के तेल का दीपक जलाएँ। पीपल के पेड़ के नीचे भी दीपक जलाना चाहिए। इस अनुष्ठान से पितरों की आत्मा को शांति और तृप्ति मिलती है।
इस दिन स्नान के बाद लाल वस्त्र धारण करें। फिर घर के मंदिर में देवी लक्ष्मी की मूर्ति के सामने बैठकर श्री सूक्त का पाठ करें। तांबे के लोटे में गंगाजल भरें। अगले दिन पूरे घर में गंगाजल छिड़कें। इस अनुष्ठान से घर में धन और समृद्धि बढ़ती है।
इस दिन शाम के समय पीपल के पेड़ के पास जाकर उसे जल अर्पित करना चाहिए। फिर सात बार परिक्रमा करें। ऐसा करने से जीवन की सभी बाधाएं और परेशानियां दूर हो जाती हैं।
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