Vijaya Ekadashi 2025: भगवान विष्णु की विशेष कृपा पाने के लिए विजया एकादशी पर इन चीजों का दान करें

Update: 2025-02-15 06:08 GMT
Vijaya Ekadashi 2025: फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी कहते हैं और इस साल 24 फरवरी 2025 को विजया एकादशी है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा और व्रत रखने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती हैं। कहते हैं कि यदि सच्चे भाव से इस तिथि पर सृष्टि के संचालक विष्णु जी को केसर के हलवे का भोग लगाया जाए, तो वह प्रसन्न होते हैं और साधक के कष्टों को हर लेते हैं। पौराणिक कथा की मानें तो विजया एकादशी का उपवास भगवान राम ने भी किया था। वहीं ज्योतिषियों की गणना के मुताबिक इस बार विजया एकादशी पर सिद्ध योग बन रहा है, जो सुबह 10:04 मिनट तक है। इस अवधि में कुछ चीजों का दान करने से व्यक्ति के भाग्य में वृद्धि होती है और परिवार में भी सुख-समृद्धि बनी रहती है। ऐसे में आइए इन चीजों के बारे में जानते हैं।
इन चीजों का करें दान:
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विजया एकादशी पर अन्न और धन का दान करें। मान्यता है कि इससे साधक के भाग्य में वृद्धि होती है।
विजया एकादशी पर तुलसी पूजन करें। पूजा के बाद जरूरतमंदों को वस्त्रों का दान करें। ऐसा करने पर साधक के जीवन में हमेशा खुशियां बनी रहती हैं।
विजया एकादशी पर मूंगफली और गुड़ का दान करने से वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है।
इस दिन मां लक्ष्मी को श्रृंगार का सामान अर्पित करें और पूजा के बाद इसे सुहागिन महिलाओं को दान में दे दें। इससे पति-पत्नी के रिश्ते में चल रही अनबन समाप्त होती है।
विजया एकादशी के दिन हल्दी का दान करना बेहद शुभ होता है। आप विष्णु जी की पूजा के बाद इसका दान कर सकते हैं। इससे करियर में अच्छे परिणामों की प्राप्ति होती है।
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 5 बजकर 11 मिनट से 6 बजकर 01 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 2 बजकर 29 मिनट से 3 बजकर 15 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 6 बजकर 15 मिनट से 6 बजकर 40 मिनट तक
निशिता मुहूर्त - रात्रि 12 बजकर 09 मिनट से 12 बजकर 59 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक रहेगा
अमृतकाल - दोपहर 2 बजकर 7 मिनट से 3 बजकर 44 मिनट तक है
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