Tulsi Vivah Upay: हिंदू धर्म में तुलसी विवाह का विशेष महत्व है और इसे बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। तुलसी माता को देवी लक्ष्मी का भी एक रूप माना जाता है और कहा जाता है कि तुलसी में देवी लक्ष्मी का वास होता है। तुलसी विवाह के दिन तुलसी माता की पूजा करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इस वर्ष तुलसी विवाह 2 नवंबर को है और इस दिन भगवान विष्णु के प्रतीक शालिग्राम और तुलसी माता का विवाह कराया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से विवाह में आने वाली सभी बाधाएँ दूर होती हैं और शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।
तुलसी विवाह पर क्या उपाय करें?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि कोई अविवाहित स्त्री तुलसी विवाह के दिन अच्छे पति की प्राप्ति या सुखी वैवाहिक जीवन के लिए कुछ उपाय करती है, तो उसे अवश्य ही मनचाहा आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस शुभ अवसर पर आप निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं:
तुलसी माता की विधिवत और पवित्रता से पूजा करें।
इसके बाद तुलसी माता को हल्दी मिला दूध अर्पित करें।
दूध अर्पित करने के बाद तुलसी माता को श्रृंगार सामग्री अर्पित करें।
पूजा के बाद तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएँ।
तुलसी विवाह के दिन व्रत और पूजा करने के बाद सूर्य देव की पूजा करें।
तुलसी विवाह पूजा के बाद क्या करें?
तुलसी विवाह के दिन इन उपायों को करने से हर मनोकामना पूरी होती है। इस दिन सच्चे मन से माता तुलसी की पूजा करनी चाहिए। साथ ही, अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पूरे मन से प्रार्थना करनी चाहिए। इसके अलावा, तुलसी विवाह के दिन व्रत और पूजा करने के बाद सूर्य देव की पूजा अवश्य करनी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से विवाह संबंधी बाधाएँ दूर होती हैं और वैवाहिक जीवन सुखमय होता है।