गणेश चतुर्थी आज 2 घंटे 15 मिनट का शुभ मुहूर्त जानें स्थापना विधि
गणेश चतुर्थी आज
देहरादून : भगवान गणेश की आराधना का महापर्व गणेश चतुर्थी आज श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। देहरादून में घरों, मंदिरों और सार्वजनिक पंडालों में गणपति बप्पा की स्थापना की तैयारियां की गई हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणेश चतुर्थी पर शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा करने से सुख-समृद्धि और मंगल की प्राप्ति होती है। इस बार दून में गणपति स्थापना और पूजा के लिए करीब 2 घंटे 15 मिनट का विशेष शुभ समय बताया गया है।
गणेश चतुर्थी भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य देव माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले गणपति की पूजा करने की परंपरा है। गणेशोत्सव के दौरान श्रद्धालु अपने घरों में गणपति की प्रतिमा स्थापित करते हैं और कई दिनों तक उनकी आराधना के बाद विसर्जन करते हैं।
दून में 2 घंटे 15 मिनट का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार देहरादून में गणपति स्थापना के लिए मध्याह्न काल को विशेष शुभ माना गया है। इस दौरान श्रद्धालु भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना कर सकते हैं। अलग-अलग पंचांगों और स्थानीय सूर्योदय के आधार पर मुहूर्त में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है। इसलिए स्थापना से पहले स्थानीय पंचांग या विद्वान से सटीक समय की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।
ऐसे करें गणपति की स्थापना
गणपति स्थापना से पहले घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह साफ-सफाई करें। पूजा के लिए उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को शुभ माना जाता है। एक साफ चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद कलश स्थापना कर गणपति का ध्यान करें।
भगवान गणेश को सिंदूर, अक्षत, फूल, दूर्वा और मोदक अर्पित करें। पूजा में दीपक और धूप जलाएं। गणपति मंत्रों का जाप करें और परिवार के साथ आरती करें। भगवान गणेश को मोदक और लड्डू अत्यंत प्रिय माने जाते हैं, इसलिए इनका भोग लगाया जा सकता है।
प्रतिमा स्थापना में इन बातों का रखें ध्यान
घर में गणेश प्रतिमा स्थापित करते समय श्रद्धालुओं को अपनी पारिवारिक परंपरा और धार्मिक मान्यताओं का ध्यान रखना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण के लिए मिट्टी से बनी प्रतिमा को प्राथमिकता दी जा सकती है। प्रतिमा स्थापना के बाद नियमित रूप से सुबह-शाम पूजा और आरती करने की परंपरा है।
गणेशोत्सव के दौरान डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन, सात दिन या दस दिन तक गणपति को घर में रखने की अलग-अलग परंपराएं हैं। इसके बाद श्रद्धालु विधि-विधान से गणपति का विसर्जन करते हैं और अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हैं।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर देहरादून में भी उत्सव का माहौल है। मंदिरों और पंडालों में विशेष पूजा के साथ गणपति बप्पा मोरया के जयकारे गूंज रहे हैं।