Somvar Shiva Aarti: सोमवार है शिव आराधना का दिन, इस आरती से करें भोलेनाथ को प्रसन्न
Somvar Shiva Aarti: भोलेनाथ की पूजा में हमेशा शुद्धता और श्रद्धा का महत्व है। सोमवार का दिन विशेष रूप से शिव जी के पूजन के लिए बहुत ही पवित्र और लाभकारी माना जाता है। शिव चालीसा, रुद्राष्टकम और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से व्यक्ति को मानसिक शांति, समृद्धि और संकटों से मुक्ति मिलती है। भगवान शिव के बारे में बहुत सी मान्यताएँ हैं। उन्हें 'रुद्र' और 'नीलकंठ' के नाम से भी जाना जाता है, और वे त्रिदेवों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। शंकर की पूजा का सही तरीका और मंत्रों का उच्चारण न केवल भक्ति को प्रगाढ़ करता है, बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव भी लाता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, रात को विशेष रूप से शिव जी की पूजा करने से भगवान जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों को विशेष आशीर्वाद देते हैं। माना जाता है कि रात के समय पूजा करने से सभी दुखों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस सोमवार भगवान शिव की आरती पढ़ें और उनकी कृपा प्राप्त करें।
ॐ जय शिव ओंकारा
जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा ।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा
एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे ।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा
अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी ।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा
ॐ जय शिव ओंकारा
सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी ॥
कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूलधारी ।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥
श्वेतांबर पीतांबर बाघंबर अंगे ।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर में शोभित ये तीनों एका ॥
ॐ जय शिव ओंकारा
लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा ।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा
त्रिगुणस्वामी जी की आरती जो कोइ नर गावे ।
कहत शिवानंद स्वामी सुख संपति पावे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा।