धर्म: शनिवार को क्यों की जाती है हनुमानजी की पूजा, जानिए इसके पीछे की कहानी
धर्म: शनिवार का दिन भगवान शनि को समर्पित होता है. इस दिन भगवान शनि की पूजा करने से कुंडली से शनि दोष से मुक्ति मिलती है. हिंदू धर्म में शनिदेव को कर्म फल दाता कहा जाता है. मान्यता है कि शनिदेव लोगों को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं. इसके अलावा शास्त्रों में शनिवार के दिन हनुमान जी की पूजा का महत्व बताया गया है. मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा करने से शनिदेव शांत हो जाते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि हनुमान जी भगवान शिव के 11वें अवतार हैं तो फिर शनिदेव कैसे शांत होते हैं|
इसके पीछे एक पौराणिक कथा है. पौराणिक कथा के अनुसार जब हनुमान जी माता सीता को खोजने लंका पहुंचे तो उनकी नजर शनिदेव पर पड़ी. इसके बाद हनुमान जी ने पूछा आप यहां कैसे? शनिदेव ने बताया कि रावण ने मुझे अपनी शक्ति से कैद कर लिया था. यह सुनकर हनुमान जी ने शनिदेव को मुक्त कर दिया. इससे शनिदेव प्रसन्न हुए और हनुमान जी से वरदान मांगने को कहा. तब हनुमान जी ने कहा कि जो भी मेरी पूजा करेगा उसे अशुभ फल नहीं मिलेंगे. इसलिए इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं।
ऐसे करें हनुमान जी की पूजा
हनुमान जी को बल, बुद्धि और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। हनुमान जी को संकटमोचन के रूप में पूजा जाता है। शनिवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। इस दिन सुबह जल्दी उठकर हनुमान जी के मंत्रों का जाप करना चाहिए। हर शनिवार और मंगलवार को हनुमान जी को गुड़ का भोग लगाना चाहिए। इसके अलावा इस दिन हनुमान जी को गीला सिंदूर लगाने से विशेष फल मिलता है। मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। इससे आपके सभी संकट दूर होते हैं।