श्रावणी सोमवार पर राजस्थान टूरिज्म ने नाथद्वारा की भव्य शिव प्रतिमा की दिखाई झलक
श्रावणी सोमवार पर नाथद्वारा की शिव प्रतिमा का अद्भुत नजारा हुआ वायरल
श्रावणी सोमवार के अवसर पर राजस्थान टूरिज्म ने नाथद्वारा स्थित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा की खूबसूरत झलक सोशल मीडिया पर साझा की है। पर्यटन विभाग ने सावन के पावन महीने में राजस्थान आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से नाथद्वारा में रुककर भगवान शिव के दर्शन और आशीर्वाद लेने की अपील की है।
नाथद्वारा की पहचान अब केवल धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में ही नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे ऊंची बैठी हुई भगवान शिव की प्रतिमाओं में शामिल ‘विश्वास स्वरूपम’ के कारण भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनी है।
369 फीट ऊंची है शिव प्रतिमा
नाथद्वारा में स्थित विश्वास स्वरूपम भगवान शिव की विशाल प्रतिमा है, जिसकी ऊंचाई करीब 369 फीट बताई जाती है। इसे दुनिया की सबसे ऊंची बैठी हुई शिव प्रतिमा के रूप में प्रसिद्धि मिली है।
विशाल प्रतिमा भगवान शिव को ध्यान मुद्रा में दर्शाती है। दूर से दिखाई देने वाली यह प्रतिमा नाथद्वारा आने वाले पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बन चुकी है।
प्रतिमा का विशाल आकार इसे धार्मिक आस्था के साथ-साथ वास्तुकला और पर्यटन की दृष्टि से भी खास बनाता है।
सावन में बढ़ जाता है धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस दौरान देशभर में शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है। विशेष रूप से सावन के सोमवार को भगवान शिव की पूजा और अभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है।
इसी धार्मिक माहौल को देखते हुए राजस्थान टूरिज्म ने नाथद्वारा की शिव प्रतिमा को पर्यटकों के सामने पेश किया है। विभाग ने लोगों से राजस्थान की यात्रा के दौरान नाथद्वारा में कुछ समय रुकने और भगवान शिव के दर्शन करने की अपील की है।
नाथद्वारा में धार्मिक पर्यटन का आकर्षण
नाथद्वारा राजस्थान के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में से एक है। यह शहर भगवान श्रीनाथजी के प्रसिद्ध मंदिर के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए श्रीनाथजी मंदिर और विश्वास स्वरूपम दोनों प्रमुख आकर्षण बन चुके हैं।
इस क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन की भी संभावनाएं हैं। राजसमंद और आसपास के क्षेत्रों की यात्रा करने वाले पर्यटक नाथद्वारा को अपने यात्रा कार्यक्रम में शामिल कर सकते हैं।
पर्यटकों को राजस्थान टूरिज्म का संदेश
राजस्थान टूरिज्म ने सावन के दौरान पर्यटकों को राज्य की धार्मिक विरासत का अनुभव करने के लिए आमंत्रित किया है। शिव प्रतिमा की झलक साझा करते हुए विभाग ने लोगों को नाथद्वारा में रुककर इस भव्य स्थल का अनुभव लेने और भगवान शिव का आशीर्वाद लेने का संदेश दिया।
सावन के दौरान धार्मिक पर्यटन में बढ़ोतरी होने की उम्मीद रहती है। ऐसे में नाथद्वारा जैसे स्थलों को पर्यटन विभाग की ओर से विशेष रूप से प्रचारित किया जाना स्थानीय पर्यटन और व्यवसाय के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
आस्था और पर्यटन का अनोखा संगम
विश्वास स्वरूपम धार्मिक आस्था और आधुनिक स्थापत्य का अनोखा उदाहरण है। विशाल आकार में निर्मित भगवान शिव की यह प्रतिमा दूर से ही पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करती है।
दिन के समय प्रतिमा का भव्य स्वरूप देखने को मिलता है, जबकि शाम और रात के समय रोशनी में इसका दृश्य और भी आकर्षक नजर आता है। सावन में यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ एक यादगार पर्यटन अनुभव भी बन सकती है।
श्रावणी सोमवार पर खास संदेश
श्रावण सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष दिन माना जाता है। ऐसे में राजस्थान टूरिज्म की यह पहल राज्य के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
अगर आप सावन में राजस्थान घूमने की योजना बना रहे हैं, तो नाथद्वारा को अपने यात्रा कार्यक्रम में शामिल करके विश्वास स्वरूपम और श्रीनाथजी मंदिर के दर्शन किए जा सकते हैं।