धर्म:शत्रुओं पर विजय के लिए बेहद खास है दशहरा, जानें इस दिन क्या करें और क्या न करें
धर्म: दशहरा या विजयादशमी, प्रमुख हिंदू त्योहारों में से एक है। देश भर के कई राज्यों में दशहरा बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन भगवान राम ने लंका के राजा रावण का वध किया था और सीता को उसकी कैद से छुड़ाया था। इसलिए दशहरे के दिन रावण का दहन किया जाता है। एक अन्य कथा के अनुसार, देवी दुर्गा ने इसी दिन भीषण युद्ध के बाद राक्षस महिषासुर का वध किया था। कुल मिलाकर, यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। दशहरे पर कुछ शुभ कार्य वर्जित होते हैं। जानें कि कौन से कार्य शुभ फल देते हैं और कौन से अशुभ।
दशहरे पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं?
- दशहरे पर अपने घर और आस-पास की सफाई रखें। इससे जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है और सुख-समृद्धि आती है।
दशहरे पर अपनी क्षमतानुसार गरीबों और ज़रूरतमंदों को दान दें। यह दान किसी भी चीज़ का हो सकता है, जैसे धन, वस्त्र, अनाज, भोजन आदि।
- दशहरा सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। इस दिन किसी से झूठ न बोलें, किसी को धोखा न दें और न ही किसी का अपमान करें।
- दशहरा उत्सव का दिन है। विजयादशमी रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन करके बुराई का नाश करने का पर्व है। हालाँकि, इस त्यौहार के उत्साह में पर्यावरण को नुकसान न पहुँचे, इसका ध्यान रखें।
- इस दिन बड़ों के चरण स्पर्श करें और उनका आशीर्वाद लें। किसी भी बुजुर्ग या महिला का अपमान या उत्पीड़न न करें।
- दशहरा के दिन किसी से झगड़ा न करें। ऐसा करने से जीवन में नकारात्मकता बढ़ती है। यदि कोई समस्या आती भी है, तो संयम और धैर्य बनाए रखें।