Premanand Maharaj : प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज वृंदावन में केलिकुंज नामक स्थान पर रहते हैं और सत्संग करते हैं। सत्संग के माध्यम से वे लोगों का मार्गदर्शन भी करते हैं। प्रेमानंद महाराज राधारानी को अपना आराध्य मानते हैं और लोगों को राधा नाम जपने के लिए प्रेरित करते हैं। महाराज जी के अनुयायियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। देश-विदेश से उनके भक्त महाराज प्रेमानंद जी के दर्शन करने वृंदावन आते हैं और उनका बहुत सम्मान भी करते हैं। साथ ही, उनके सत्संग में कई भारतीय हस्तियां पहुंच चुकी हैं। जिनमें अनुष्का शर्मा, विराट कोहली, ग्रेट खली और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का नाम शामिल है। वहीं, यूपी के डिप्टी सीएम ने भी महाराज जी से मुलाकात की।
भक्त उनसे पूछ रहे हैं कि घर के मंदिर में कौन सी चीजें नहीं रखनी चाहिए, जिसका उत्तर प्रेमानंद महाराज जी दे रहे हैं कि घर के मंदिर में अपने पूर्वजों की तस्वीर नहीं रखनी चाहिए। साथ ही, भगवान की फटी हुई तस्वीरें और फटी हुई किताबें भी न रखें। महाराज जी ने आगे बताया कि भगवान पर चढ़ाए गए सूखे फूलों को मंदिर में कई दिनों तक नहीं रखना चाहिए। साथ ही, भगवान की खंडित मूर्तियाँ भी मंदिर में नहीं रखनी चाहिए। साथ ही, पूजा कक्ष में किसी भी जीवित साधु, संत और धर्मगुरु की तस्वीर न रखें। क्योंकि ऐसा करने से जीवन में दरिद्रता आती है। धन हानि के साथ-साथ स्वास्थ्य भी बिगड़ता है।
प्रेमानंद महाराज कौन हैं:
संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज वृंदावन से पहले कई वर्षों तक काशी में रहे। महाराज जी का बचपन का नाम अनिरुद्ध पांडे था। कहा जाता है कि महाराज जी 13 वर्ष की आयु में घर छोड़कर बनारस चले गए थे। महाराज जी के गुरु का नाम श्री गौरांगी शरण जी महाराज है।
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