Pradosh Vrat: गुरु प्रदोष व्रत पर करें ये छोटे-छोटे उपाय, पूरी होंगी बड़ी मनोकामनाएं
Pradosh Vrat: 10 अप्रैल 2025 को चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस रोज गुरु प्रदोष का व्रत रखा जाएगा। हर प्रदोष व्रत पर प्रदोष काल अर्थात सांझ ढलने के बाद भगवान शिव की पूजा करने का विधान है। त्रयोदशी तिथि में रात्रि के प्रथम प्रहर पर जो भक्त प्रेम और श्रद्धा से शिवलिंग का दर्शन करता है और उनके लिए प्रेम भरी भेंट लेकर जाता है। भोले बाबा उससे बहुत प्रसन्न होते हैं। इसके अतिरिक्त अपनी बड़ी-बड़ी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए सूर्योदय के बाद कुछ छोटे-छोटे उपाय करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। हर तरह की परेशानी से बचने के लिए करें ये काम-
मंद पड़े कारोबार में धन की आवक लाने के लिए शिव मंदिर में 5 अलग-अलग रंगों से रंगोली सजाएं। फिर रंगोली के मध्य में घी का दीपक जलाएं।
दुश्मनों को अपने जीवन से सदा के लिए दूर करना चाहते हैं तो ‘ऊँ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए 11 शमी पत्र को गंगा जल से धोकर शिवलिंग पर अर्पित करें।
कोर्ट-कचहरी और मुकदमे में जीत हासिल करने के लिए धतूरे के पत्ते को गंगा जल और देसी गाय के दूध से धोकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।
स्वस्थ तन और मन के लिए शिवलिंग पर सूखा नारियल अर्पित करें।
वैवाहिक जीवन में चल रही तकरार को प्रेम में बदलना हो या प्रेमी-प्रेमिका के इनकार को इकरार में परिवर्तित करना हो तो दही में शहद मिलाकर भगवान शिव को भोग लगाएं।
परिवार में धन की कमी आ रही है तो सवा किलो साबुत चावल और दूध शिव मंदिर में दान करें ।
मानसिक शांति के लिए शिव मंदिर में आसन बिछाकर बैठ जाएं और एकाग्रता के साथ ऊँ का उच्चारण करें।
रिश्तों में चल रही कड़वाहट को मिठास में बदलने के लिए शिव मंदिर में घी का एक दीपक और तेल का एक दीपक जलाएं।
रिश्तों में चल रही कड़वाहट को मिठास में बदलने के लिए शिव मंदिर में घी का एक दीपक और तेल का एक दीपक जलाएं।
धन को संचित करने में समस्या आ रही है तो शिवलिंग पर 11 बेलपत्र अर्पित करें।
केसर मिला दूध शिवलिंग पर चढ़ाने से रुके कामों को गति मिलती है और वो जल्दी पूरे हो जाते हैं|