Pithori Amavasya Upay: पिठोरी अमावस्या के दिन करें ये खास उपाय, दूर होगा पितृ दोष

Update: 2025-08-17 03:26 GMT
Pithori Amavasya Upay: हिंदू धर्म में पिठोरी अमावस्या को बेहद खास माना गया है। भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को पिठोरी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। देश के कई इलाकों में इसे कुशोत्पाटिनी अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन स्नान-दान और पितरों का श्राद्ध आदि कर्म किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन पितरों के लिए पूजा-पाठ करने से जीवन में सुख-शांति आती है।
कब है पिठोरी अमावस्या:
द्रिक पंचांग के मुताबिक, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि सुबह 11.55 बजे आरंभ होगी, जो 23 अगस्त की सुबह 11.35 बजे तक रहेगी। पिठोरी अमावस्या व्रत का प्रदोष मुहूर्त शाम 07.01 बजे से 09.17 बजे तक यानी 02 घंटे 16 मिनट है।
पिठोरी अमावस्या के दिन क्या करें:
पितरों की आत्मा के शांति के लिए पिठोरी अमावस्या के दिन जातकों को गंगा स्नान कर पूजा पाठ करना चाहिए। साथ ही दान और तर्पण आदि भी करना चाहिए। सुबह उठें और गंगा स्नान करें फिर सफेद वस्त्र धारण करें और पितरों का तर्पण करें। अपने पूर्वजों के नाम से चावल, दाल, सब्जी जैसे पके हुए भोजन को गरीबों में दान करें साथ ही जरूरतमंदों के बीच धन भी बांटे। इससे आप पर लगा पितृ दोष हट जाएगा।
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